हरियाणा के चावल निर्यातकों को मिलेगा बड़ा फायदा।
जागरण संवाददाता, कैथल। भारत के चावल निर्यातकों ने अमेरिका की ओर से टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के फैसले का स्वागत किया। टैरिफ कटौती का देश के चावल निर्यातकों को सीधा फायदा मिलेगा। बासमती चावल का ज्यादा निर्यात होगा। टैरिफ बढ़ाने से चावल निर्यात पर फर्क पड़ा था, लेकिन अब घटाने से ज्यादा फायदा मिलेगा।
थाईलैंड और पाकिस्तान जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों के साथ समानता होगी बहाल होगी। इन दोनों देशों पर 19 प्रतिशत टैरिफ लगा हुआ है, भारत पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। अखिल भारतीय चावल निर्यात संघ का प्रतिनिधिमंडल उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंगला और कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और राज्य वाणिज्य मंत्री जितेन प्रसाद से मिला और उनका आभार जताया।
अखिल भारतीय चावल निर्यात संघ के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंगला ने इस कदम को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि भारत में इस बार चावल का उत्पादन भी बहुत अच्छा हुआ है। 2025-26 (जुलाई-जून) में 149 मिलियन टन के रिकार्ड उत्पादन की उम्मीद कर रहा है।
अमेरिका और यूरोप के साथ मुक्त व्यापार समझौते का बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत पर टैरिफ का बोझ घटकर 18 प्रतिशत रह गया है, जिससे थाईलैंड और पाकिस्तान जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों को चावल निर्यात में कड़ी टक्कर दे सकेंगे, क्योंकि प्रतिस्पर्धी देशों पर वर्तमान में लगभग 19 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है, इसका भी हमें फायदा मिलेगा।
भारत ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-नवंबर के दौरान अमेरिका को 1,99,0558 टन बासमती चावल और 40,960 टन गैर-बासमती चावल का निर्यात किया। पूरे वित्तीय वर्ष 2024-25 में, भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 2,74,213 टन बासमती चावल और 61,341 टन गैर-बासमती चावल का निर्यात किया, अब टैरिफ लगने से बढ़ने की उम्मीद है।
चावल निर्यातकों ने बताया कि टैरिफ घटते ही अमेरिका के साथ नए सौदे होने शुरू हो गए हैं। प्रदेश के कई निर्यातकों के साथ सौदे हो गए हैं, इस बार चावल का रेट भी अच्छा मिल रहा है। घरेलू मार्केट में भी चावल की अच्छी डिमांड है। |