अन्नपूर्णा देवी ने कहा- महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार, 14 फरवरी को कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिलाओं का सम्मान ही समाज और राष्ट्र के विकास की पहली सीढ़ी है।
अन्नपूर्णा देवी ने आगे कहा, \“आज महिलाएं नीतियों के केंद्र में हैं। निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर कार्यस्थल सुरक्षित, संवेदनशील और समान अवसरों से भरा हो।\“
महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्रतिबद्धता
अन्नपूर्णा देवी ने कहा, \“2047 तक विकसित भारत के विराट लक्ष्य की सिद्धि के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और उनकी सक्रिय सहभागिता सरकार की प्रतिबद्धता है।\“
कार्यक्रम में बोलते हुए महिला बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं सुरक्षित रहें और गरिमामय रूप में काम करें।
दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा (शी-बॉक्स) पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ के दौरान अन्नापूर्णा देवी ने कहा कि भारत अभूतपूर्व परिवर्तन से गुजर रहा है, जिससे महिलाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
अन्नापूर्णा देवी ने आगे कहा, \“प्रधानमंत्री के महिला नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण ने देश के विकास माॉडल को नए आयाम दिये हैं। महिला सशक्तीकरण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें सुरक्षा, समान अवसर, गरिमा और भागीदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया है।\“
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में, यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि कि संस्थान कानून का पालन करें।
उन्होंने बताया कि 29 अगस्त 2024 को लांच किए गए शी-बाक्स पोर्टल ने कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण तंत्र को मजबूत किया है। लगभग 1.5 लाख सरकारी और निजी संगठनों ने इस प्लेटफार्म पर पंजीकरण कराया है, जो महिलाओं की सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरुकता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
लैंगिक समानता के लिए अधिक बजट का आवंटन
लैंगिक समानता के लिए अधिक बजट आवंटित किया गया है और सरकार कार्यबल में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए छात्रावासों सहित सहायता प्रणालियों का विस्तार कर रही है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य सभी क्षेत्रों में सुरक्षित, गरिमापूर्ण, और उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थलों के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करना और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निषेध और रोकथाम अधिनियम 2013 के कार्यान्वयन को मजबूत करना है।
इसके लिए शी बॉक्स पोर्टल को सभी सरकारी और निजी संस्थाओं से सीधे जोड़ा गया है। पोर्टल पर हर सरकारी और गैर सरकारी संगठन पंजीकृत होगा।
पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से संबंधित आंतरिक समिति या लोकल समिति जिससे भी शिकायत की गई होगी सीधे पहुंच जाएगी और उसकी निगरानी का तंत्र भी मजबूत किया गया है।
इस सम्मेलन में 100 से अधिक संगठनों के लगभग 1500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में सुधांशु त्रिवेदी, रेखा शर्मा, लवली आनंद जैसे सांसदाें समेत कई गणमान्य लोग और अधिकारी मौजूद थे।
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