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प्रतीकात्मक तस्वीर
संवाद सहयोगी, जागरण कानपुर। अभी तक लिंक भेजकर, ओटीपी पूछकर और डिजिटल अरेस्ट कर लोगों को ठग रहे साइबर ठगों का एक नया कारनामा सामने आया है, जिसमें उन्होंने एक युवती को इस कदर ब्लैकमेल किया कि उसे मजबूरी में देह व्यापार करना पड़ा। ठगों ने दो साल में युवती से 15 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने एक महिला समेत अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
युवती ने बताया कि वर्ष 2023 में एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से उसके पास कुछ संदेश आए, जिसके माध्यम से बातचीत होने लगी। वर्ष 2024 में अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी अकाउंट बनाकर उससे संपर्क किया और दावा किया कि उनके पास उसकी निजी तस्वीरें हैं, जिन्हें प्रसारित करने की धमकी देकर रकम मांगी।
पीड़िता ने बताया कि शुरुआत में आरोपितों ने 100 से 300 रुपये की मांग की, जिसे वह पूरी करती रही लेकिन धीरे-धीरे रकम हजारों रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई। आरोपितों ने रकम श्रद्धा कटियार नाम की युवती के बैंक खाते में जमा कराने को कहा। आरोपितों ने उसकी फर्जी आईडी से उसके स्वजन, रिश्तेदारों, शिक्षकों के मोबाइल नंबर इंटरनेट मीडिया पर डालकर कहा कि रकम न देने पर उसकी तस्वीरें भी सभी को भेज देंगे।
यही नहीं आरोपितों ने छोटे भाई को जान से मारने की धमकी दी। लोकलाज, भय और बदनामी के डर से पीड़िता ने सोने की अंगूठी, कान के बाले और झुमकी बेचकर 45 हजार रुपये बताए खाते में भेज दिए। जब उसके पास कुछ देने के लिए नहीं बचा तो साइबर अपराधियों को रुपये देने के लिए उसे मजबूरी में देह व्यापार करना पड़ा।
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक करीब 15 लाख रुपये आरोपितों को दे चुकी है। इनमें से कुछ रकम अपने खाते से, जबकि कुछ कैफे से बताए गए खाते में ट्रांसफर की है। कल्याणपुर इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जा रही है। पीड़िता ने कुछ साक्ष्य दिए हैं, उसके आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ठगी से ऐसे करें बचाव
- इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी फोटो या जानकारी साझा करने से बचें
- अनजान व्यक्ति से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बातचीत करने से बचें
- मोबाइल और बैंक खातों की केवाइसी के नाम पर ठगों की धमकी से डरें नहीं। कभी भी बैंक या टेलीकॉम कंपनी फोन पर केवाईसी नहीं करतीं
- फोन कॉल पर खुद को सीबीआई, एसटीएफ या एनआईए का अधिकारी बताकर डराने वालों के झांसे में न आएं
- डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं होता, इसलिए साइबर ठगों की बातों में न आएं
- इंटरनेट मीडिया पर शेयर बाजार से ज्यादा लाभ दिलाने का विज्ञापन देखकर इसमें फंसने से बचें
- लॉटरी में रुपये या कार जीतने के नाम पर साइबर ठगों के भेजे किसी भी लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें
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