कोचिंग संस्थानों को देना होगा ब्योरा। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। Rules of Coaching Centers: अब राज्य में गर्ल्स हॉस्टल की तरह सभी कोचिंग संस्थानों का विस्तृत ब्योरा थानास्तर पर रखा जाएगा। इसमें संस्थानों की पंजीकरण संख्या, संचालक का नाम और पता, शिक्षकों और कर्मियों का पूरा विवरण शामिल होगा। सभी शिक्षकों और कर्मियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
सभी थानाध्यक्षों को इस व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कोचिंग संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अपराध या अनैतिक कार्य में दोषी पाए गए व्यक्ति को न रखें।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को जारी किया दिशा-निर्देश
बिहार पुलिस मुख्यालय ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी जिलों के एसएसपी और एसपी सुनिश्चित करेंगे कि ये नियम पूरी तरह से लागू हों।
स्थानीय सिविल प्रशासन के साथ समन्वय कर थानाध्यक्ष और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे और गड़बड़ी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
कोचिंग संस्थानों में लागू प्रमुख नियम
पंजीकरण संख्या को मुख्य प्रवेश द्वार और रिसेप्शन पर प्रदर्शित करना अनिवार्य।
क्लासरूम का आकार प्रति छात्र एक वर्ग मीटर के हिसाब से होना चाहिए।
पूरे परिसर में उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाए जाएँ, जिनका बैकअप कम से कम 30 दिन का हो।
मादक पदार्थों और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति छात्रों को जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करना।
शिकायतों के लिए शिकायत-पेटी की व्यवस्था।
छात्र-छात्राओं के गायब रहने पर अभिभावकों को तुरंत सूचना देने की व्यवस्था।
मॉक टेस्ट, बायोमेट्रिक उपस्थिति और परिवहन सुविधा पर अभिभावकों को सूचना। ड्राइवर और कंडक्टर का पुलिस सत्यापन अनिवार्य।
नामचीन संस्थानों द्वारा दलालों का इस्तेमाल होने पर कानूनी कार्रवाई।
सुरक्षा ऑडिट और करियर काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
इन उपायों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है |