जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की की व्यवस्था में गलतियों का सिलसिला जारी है। शनिवार को एनईपी परीक्षा के दिसंबर-2025 की एमकॉम परीक्षा का प्रश्नपत्र केवल अंग्रेजी में देखकर हिंदी माध्यम के छात्र चकरा गए।
पेपर अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में होता है। जिससे अंग्रेजी न समझ पाने पर छात्र हिंदी में प्रश्न पढ़कर सही व सटीक उत्तर लिख सकें। पेपर खुलते ही जब पेज पलटने पर छात्र परेशान को उठे। उन्हें अंग्रेजी के साथ हिंदी में प्रश्न लिखे नहीं मिले। छात्रों ने शिक्षकों को बताया तो परीक्षा केंद्रों से विश्वविद्यालय को इसकी सूचना दी गई।
शनिवार को विश्वविद्यालय की परीक्षा में एमकॉम के छात्रों की कामर्स विषय के तहत स्टेटिस्टिकल एनजलिसिस का पेपर था। यह मेजर कोर्स का पेपर था जिसमें हर परीक्षार्थी को यह पेपर देना था।
70 अंक के इस पेपर में हिंदी में प्रश्न नहीं होने से छात्रों को परेशानी हुई। आनन-फानन में परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का मार्गदर्शन शिक्षकों ने किया जिससे वह बिना किसी कठिनाई में परीक्षा दे सकें। इस बाबत पूछे जाने पर परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि एक पेपर में केवल अंग्रेजी में प्रश्नपत्र होने की जानकारी मिली थी। इस मामले में डीन से रिपोर्ट लेकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
प्रश्न यह है कि छात्रों ने बिना हिंदी में लिखे प्रश्नों के जो पेपर दिया है उसमें उन्हें पूरे अंक मिल सकेंगे या नहीं। यदि छात्र इस पेपर की परीक्षा दोबारा कराने की मांग करते हैं तो विश्वविद्यालय को इस पर भी विचार करना होगा।
ऐसे में पेपर और उत्तर पुस्तिका का अतिरिक्त खर्च होने के साथ ही अतिरिक्त समय भी लगेगा छात्रों को एक बार फिर से उसी पेपर की परीक्षा देनी होगी. |
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