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प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) ने मैट्रिक परीक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से आयोजित होगी। बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि समिति की ओर से सभी जिलों के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारी को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त आयोजन के लिए निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के आयोजन में सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को कड़ाई के साथ लागू करने और परीक्षा में बाधा पहुंचाने वालों पर के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले से परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को प्रवेश मिलने लगेगा।
परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले परीक्षा केंद्र का दरवाजा बंद कर दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने पर विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। देर से पहुंचने के बाद जबरदस्ती करने और अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश को नियमों का उल्लंघन मानते हुए ऐसे परीक्षार्थियों को दो वर्ष के लिए निष्कासित करने के साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।
जबरदस्ती परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के बाद अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा देता है तो संबंधित परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक एवं अन्य चिन्हित व्यक्ति को निलंबित करने के साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा में 15.12 लाख विद्यार्थी होंगे शामिल
मैट्रिक की परीक्षा में राज्य भर से कुल 15.12 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के संचालान के लिए पूरे राज्य में 1,699 केंद्र बनाए गए हैं। मैट्रिक परीक्षा में इस बार 7,26,961 छात्र और 7,85,726 छात्राएं शामिल होंगी।
पटना जिले में कुल 71,022 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को यूनिक आईडी जारी की गई है, जो उनके एडमिड कार्ड में अंकित है। इसके साथ ही सभी विषयों में ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका पर परीक्षार्थियों के फोटो के साथ अन्य डिटेल प्री-प्रिटेंडेट उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका पर विवरण भरने में अधिक समय नहीं लगेगा। परीक्षा में सभी विषयों का प्रश्न पत्र 10 अलग-अलग सेट में होगा।
परीक्षार्थियों की दो स्तर पर की जाएगी जांच
प्रत्येक परीक्षार्थियों की दो स्तर पर जांच की जाएगी। परीक्षा कक्ष में किसी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या गैजेट जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रिक वाच, स्मार्ट वाच और मैगनेटिक आदि प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी के जरिये प्रत्येक परीक्षा केंद्र की निगरानी की जाएगी।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए परीक्षा में राइटर की व्यवस्था और 20 मिनट प्रति घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। किसी परीक्षार्थी की एडमिट कार्ड अगर गुम हो जाता है या छूट जाता तो ऐसी स्थिति में उपस्थिति पत्रक में स्कैंड फोटो से उसे पहचान कर और रौलशीट से सत्यापित कर परीक्षा में बैठने की औपबंधिक अनुमति दी जाएगी।
प्रत्येक जिले में बनाए गए चार मॉडल परीक्षा केंद्र
मैट्रिक परीक्षा के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राज्य में कुल 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मॉडल परीक्षा केंद्र में छात्राएं परीक्षा देंगी। इन केंद्रों पर दंडाधिकारी, वीक्षक, सुरक्षाकर्मी और अन्य कर्मी भी महिलाएं होंगी। पटना जिले में राजकीय बालिका प्लस टू विद्यालय (बांकीपुर), राजकीय बालिका उच्च विद्यालय, यारपुर (गर्दनीबाग) और राजकीय बालिका उच्च विद्यालय (गर्दनीबाग) को मॉडल परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
परीक्षा की निगरानी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। वाट्सएप ग्रुप में परीक्षा से संबंधित सभी पदाधिकारी शामिल होंगे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए समिति की ओर से नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। नियंत्रण कक्ष 16 फरवरी सुबह छह बजे से 25 फरवरी को शाम छह बजे तक कार्यरत रहेगा। परीक्षा के दौरान किसी तरह की समस्या होने पर नंबर 0612-2232257 और 0612-2232227 पर संपर्क किया जा सकता है।
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