जागरण संवाददाता, बागेश्वर । दैनिक जागरण ने रविवार को अभियान के तहत कैमिस्ट ऐसोसिएशन की संगोष्ठी आयोजित की। जिसमें एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते गलत उपयोग को लेकर जिले के चिकित्सकों तथा दवा व्यवसायियों ने लोगों को सावधान किया है। विशेषज्ञों ने कहा कि एंटीबायोटिक हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें और दवा का पूरा कोर्स पूरा करें।
क्या कहते है विशेषज्ञ
सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक का उपयोग नहीं करना चाहिए। स्वयं से दवा लेने से बचना जरूरी है।
- डा. जीएमएस चौहान, बागेश्वर।
लंबे समय तक एंटीबायोटिक लेने से आंत के बैक्टीरिया प्रभावित होते हैं, जिससे चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं भी उभर सकती हैं।
-अमित डसीला, डायग्नोस्टिक सेंटर।
कुछ मामलों में एंटीबायोटिक लेने के बाद अनाफिलैक्टिक रिएक्शन जैसी गंभीर एलर्जी हो सकती है। सांस लेने में कठिनाई, हृदय गति बढ़ना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आपातकालीन मदद लें।
- डा. भुवन जोशी, बागेश्वर।
अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक लेने से चक्कर आना, सांस में सीटी जैसी आवाज तथा अन्य गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
- कैलाश कोरंगा, फार्मासिस्ट।
एंटीबायोटिक शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को भी प्रभावित करते हैं, जिससे दस्त, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- मदन हरड़िया, कैमिस्ट।
असामान्य थकान और चक्कर आना भी एंटीबायोटिक के साइड इफेक्ट हो सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के यह नहीं लेना चाहिए।
- राजेंद्र गोस्वामी, कैमिस्ट।
गलत उपयोग से शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और त्वचा पर रैशेज, खुजली व सूजन जैसी एलर्जी हो सकती है।
- गोकुल जोशी, अध्यक्ष कैमिस्ट ऐसोसिएशन।
लंबे समय तक एंटीबायोटिक लेने से हड्डियों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे कमजोरी और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। बिना चिकित्सकीय सलाह एंटीबायोटिक का सेवन न करें और किसी भी गंभीर लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- नरेंद्र चौहान, कैमिस्ट।
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