जलवार मे महाशिवरात्रि पर निकाली आकर्षक झांकी। जागरण
संवाद सहयोगी, सिंहवाड़ा (दरभंगा)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा। भगवान शिव की भव्य बारात जब पारंपरिक वेशभूषा, डमरू दल और आकर्षक झांकियों के साथ निकली, तो पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
शिव-पार्वती, 12 ज्योतिर्लिंगों और पौराणिक पात्रों की जीवंत प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के बीच तीन किलोमीटर लंबी इस शिव बारात ने भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
बारात झांकी के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
जलवार के नर्मदेश्वर महादेव में महाशिव रात्रि पर रविवार को भगवान शिव की बारात झांकी के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आचार्य गोपाल झा ने कहा आस्था, पौराणिक कथाओं और आधुनिक विषयों का एक अनूठा संगम होती है। भगवान शिव, पार्वती 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकी, पौराणिक चरित्रों जैसे भूत-प्रेत, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक जैसे सामाजिक संदेश दिए गए।
पारंपरिक वेशभूषा, डमरू दल, शिव भजनों की गूंज और झांकियों के साथ जलवार, राजारौली, बलिया, राजारौली, टेऊंगा, बनौली के मुख्य मार्गों से भ्रमणशील रहा।
मनोकामना सिद्ध सनातन बोर्ड बहादुरपुर ( कोर्डिनेटर) पंडित रणधीर ठाकुर व मुखिया मनोज कुमार सिंह एवं समिति अध्यक्ष इंद्रमोहन ठाकुर ने कहा शिवजी को दूल्हे के रूप में, गले में सांप, मस्तक पर चंद्रमा, भस्म रमे हुए और नंदी पर सवार होना भक्तों को आकर्षित करता है।
मौके पर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने वाली विशेष झांकी में भूत-पिशाच, नंदी, यक्ष, गंधर्व, अप्सराएं, और राक्षसों की वेशभूषा में कलाकार ने अद्भुत झांकी पेश किया है।
गणेश, ब्रह्मा, कार्तिकेय और विष्णु जी के साथ झांकियां काफी दर्शनीय रहा था। साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष झांकी प्रस्तुत किया गया।
बाल्य कलाकारों के द्वारा\“\“बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व \“\“कलयुग थीम\“\“ पर आधारित झांकियां डमरू दल, बैंड-बाजा, भजनों की गूंज आकर्षण का केन्द्र रहा। पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ शिव बारात में तीन किलोमीटर तक भव्य झांकी का नजारा देखने को भक्तों की भीड़ लगी रही।
व्यवस्थापक भरत ठाकुर व कोषाध्यक्ष रंजीत झा लड्डू ने कहा कि इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था को जीवंत करना और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करना है। शांति व्यवस्था को लेकर पिंटू ठाकुर, अनिल झा, मनोज ठाकुर, अविराम ठाकुर, चंद्रकांत ठाकुर भी सक्रिय थे। |