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दीमक की तरह दिमाग खोखला कर रही हैं आपकी ये 5 आदतें, वक्त रहते छोड़ दें वरना होगा भारी नुकसान

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अपनी इन रोजमर्रा की आदतों से मस्तिष्क और याददाश्त को होने वाले नुकसान से बचें (Picture Credit- AI Generated)



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मस्तिष्क शरीर का सबसे कॉम्प्लिकेटेड और सेंसिटिव ऑर्गन है, जो न केवल हमारी सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता को नियंत्रित करता है, बल्कि पूरे शरीर की क्रियाओं का संचालन भी करता है। ऐसे में एक हेल्दी दिमाग, बेहतर निर्णय क्षमता, शार्प मेमोरी पॉवर और मेंटल  स्टेबिलिटी के लिए जरूरी है।  

आज की बिजी शेड्यूल वाली लाइफ स्टाइल में हम जाने-अनजाने में कुछ ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो धीरे-धीरे दिमाग की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचाती हैं। अगर समय रहते इन आदतों पर ध्यान न दिया जाए, तो ये कई तरह के मेंटल डिजीज जैसे कि स्ट्रेस, एंजाइटी और अल्जाइमर जैसी सीरियस प्रॉब्लम का कारण बन सकती हैं।तो आइए विस्तार से जानते हैं ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में जो डेली हमारे दिमाग को कमजोर बना रहीं हैं  
नींद की कमी

रोजाना 7–8 घंटे की गहरी नींद मस्तिष्क की मरम्मत और याद रखने की क्षमता के लिए जरूरी है। लगातार कम नींद लेने से मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता हैं, जिससे निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होती है।
ज्यादा स्ट्रेस लेना

लगातार स्ट्रेस में रहना मस्तिष्क में कोर्टिसोल नामक हार्मोन बढ़ा देता है, जो न्यूरॉन्स को नुकसान पहुंचाकर याददाश्त और सीखने की क्षमता को प्रभावित करता है।
गलत खानपान

बहुत जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड या चीनी का सेवन मस्तिष्क की संरचना और कम्युनिकेशन स्किल को बिगाड़ सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी और एंटीऑक्सीडेंट की कमी भी ब्रेन हेल्थ पर असर डालती है।
फिजिकल एक्टिविटी की कमी

डेली एक्सरसाइज न करने से मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिलते, जिससे उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे घटती है।
पानी कम पीना

पानी कम पीने से मस्तिष्क में थकावट, एकाग्रता में कमी और चिड़चिड़ेपन होता है। मस्तिष्क को ठीक से कार्य करने के लिए हाइड्रेटेड रहना आवश्यक है।
ज्याजा तेज आवाज में म्यूजिक सुनना

लगातार तेज आवाज में हेडफोन से म्यूजिक सुनने की आदत सुनने की शक्ति को कमजोर करती है और मस्तिष्क के ऑडिटरी प्रोसेसिंग पर असर डालती है।
मल्टीटास्किंग

एक साथ कई काम करने की आदत मस्तिष्क को ज्यादा स्ट्रेस में डालती है, जिससे उसकी फोकस और कुशलता प्रभावित होती है।
सोशल नेटवर्क की कमी

लंबे समय तक अकेले रहना या दूसरों से संवाद न करना मस्तिष्क को निष्क्रिय कर सकता है, जिससे डिप्रेशन और याददाश्त की समस्या हो सकती है।
ब्रेकफास्ट न करना

सुबह का खाना मस्तिष्क को दिनभर के लिए ऊर्जा देता है। ब्रेकफास्ट स्किप करने से फोकस और सोचने की शक्ति पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है।
धूम्रपान और शराब का सेवन

नशीली चीजों का सेवन मस्तिष्क की नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है, जिससे यादाश्त, सोचने और निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होती है।  

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