यमुना पर लोहा पुल के पास रेलवे का पुल (बाएं)। जागरण
संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। यातायात सुगम बनाने के लिए रेल, मेट्रो और सड़क मार्ग से जुड़ी हुई कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें यमुना पर लोहा पुल के समानांतर नया रेलवे पुल, मेट्रो चौथे चरण में दो काॅरिडोर और दिल्ली से सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का काम लगभग पूरा हो गया है। अब इनके उद्घाटन का इंतजार है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन तीनों परियोजनाओं का इसी माह या फिर मार्च में लोकार्पण करेंगे।
दूर होगी ट्रेन परिचालन की परेशानी
यमुना नदी पर 150 वर्षों से अधिक पुराने लोहा पुल के समानांतर नया रेलवे पुल बनकर तैयार हो गया है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने इस पुल का निरीक्षण भी कर लिया है। इसके शुरू होने से पुरानी दिल्ली से गाजियाबाद के रास्ते ट्रेन परिचालन में बेहतर होगा।
गति व क्षमता दोनों बढ़ेगी। इससे विशेष रूप से पूर्व दिशा के यात्रियों को राहत मिलेगी। मानसून में जब यमुना उफान पर रहती है तो कई बार लोहा पुल को बंद करना पड़ता है। रेलवे ने वर्ष 1997-98 में यमुना पर लोहा पुल के सामानांतर एक नया पुल बनाने का निर्णय लिया था।
अनुमानित लागत लगभग 227 करोड़ से अधिक
वर्ष 2005 तक इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था परंतु, इसका निर्माण कार्य वर्ष 2003 में शुरू हो सका। तकनीकी व अन्य कारणों से कई बार इसका निर्माण कार्य बाधित हुआ। डबल लाइन 865 मीटर लंबे इस पुल में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी शुरुआती अनुमानित लागत लगभग 137 करोड़ था। निर्माण कार्य में देरी से यह बढ़कर 227 करोड़ से अधिक हो गया।
मेट्रो के दो काॅरिडोर शुरू होने से आवागमन होगा आसान
मेट्रो के चौथे चरण में मजेंटा लाइन पर जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम विस्तार परियोजना के दीपाली चौक (पीतमपुरा) से मजलिस पार्क तक लगभग नौ किलोमीटर का एलिवेटेड मेट्रो काॅरिडोर बनकर तैयार है। इस हिस्से में दीपाली चौक, पीतमपुरा, प्रशांत विहार, उत्तर पीतमपुरा, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा व मजलिस पार्क सात मेट्रो स्टेशन होंगे। पीतमपुरा, हैदरपुर बादली मोड़ व मजलिस पार्क इंटरचेंज स्टेशन होगा।
बाहरी दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी
इसके साथ ही पिंक लाइन पर मजलिस पार्क-मौजपुर काॅरिडोर भी बन गया है। 12.318 किलोमीटर लंबे काॅरिडोर पर मौजपुर, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सुरघाट, सोनिया विहार, जगतपुर गांव, झड़ोदा माजरा, बुराड़ी व मजलिस पार्क आठ मेट्रो स्टेशन हैं। इसके शुरू होने से पिंक लाइन दिल्ली का पहला रिंग मेट्रो लाइन बन जाएगा।
इन दोनों काॅरिडोर का मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण कर इसे शुरू करने की अनुमति दे दी है। इनके शुरू होने से नोएडा, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली से बाहरी दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।
लगभग तीन घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली से देहरादून
लगभग 213 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी तैयार हो गया है। अभी सड़क मार्ग से देहरादून जाने में लगभग सात घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद ढाई से तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। यह दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाता है। लगभग छह वर्ष पहले इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसे बनाने में लगभग 12 हजार करोड़ की लागत आई है।
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