बंगाल कोयला तस्करी की ईडी कर रही जांच
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल में करोड़ों रुपये के कोयला तस्करी मामले में ईडी हवाला और विदेशी संबंधों की भी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच अधिकारियों को जानकारी मिली है कि कोयला तस्करी की आय का एक हिस्सा हवाला के माध्यम से बांग्लादेश और दुबई में भेजा गया था।
काली कमाई को स्थानीय व्यवसायों और अचल संपत्ति में किया गया। बिचौलियों के एक नेटवर्क के जरिए इसे अंजाम दिया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कुल 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विदेश में निवेश की गई।
ईडी सूत्रों का कहना है कि बंगाल के कोयला क्षेत्रों में स्थित कुछ थानों के पुलिसकर्मियों के साथ उन क्षेत्रों में तैनात राज्य वन विभाग के कुछ अधिकारियों के भी अपराध में शामिल होने के सुबूत मिले हैैं। बता दें कि ईडी ने अवैध खनन और कोयला तस्करी की मनी लांड्रिंग जांच के तहत अब तक 322.71 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
ईडी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के पट्टे वाले क्षेत्रों में अवैध रूप से कोयले की खुदाई और बड़े पैमाने पर चोरी करने वाले गिरोह की जांच कर रही है। ईडी की जांच में पता चला है कि हर टन कोयले पर गुंडा टैक्स का हिस्सा 1000 रुपये था।
हर ट्रक में करीब 40 टन कोयले की तस्करी होती थी और औसतन हर दिन 300 लारियां झारखंड से राज्य के अलग-अलग ईंट भट्टों और स्पंज आयरन फैक्ट्रियों को गैर-कानूनी कोयला सप्लाई कर रही थीं। इस तरह 2023 से रोजाना औसतन 1.2 करोड़ रुपये तक इकट्ठा हुए हैं। कोयला तस्करी मार्च-अप्रैल 2025 तक चली थी।
दो साल से कुछ ज्यादा समय में गुंडा टैक्स के तौर पर कई हजार करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए। इसके अलावा, पुलिस की मदद से नकली कंसाइनमेंट और पैड बनाकर सैकड़ों करोड़ रुपये के राजस्व की चोरी की गई। बता दें कि कोयला तस्करी मामले में ईडी ने गत आठ फरवरी को कोलकाता और दिल्ली में दस परिसरों पर छापेमारी की थी।
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