खबर के लिए इस्तेमाल की गई सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, बिजनौर। डेढ़ माह पहले प्रतिबंधित दवा बेचने में पकड़े गए दवा व्यापारी सोमवार सुबह बैराज पुल के गेट नंबर 21 के पास से संदिग्ध परिस्थितियों में गंगा में गिर गए।
किसी तरह उन्हें गोताखोरों ने बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें स्वजन के साथ भेज दिया गया। व्यापारी ने बताया कि वह मछलियों को दाना डालने के लिए गए थे। इसी बीच उनका पैर फिसल गया।
सिविल लाइंस रोड पर सुधाकर रस्तोगी का मेडिसिन प्वाइंट के नाम से मेडिकल स्टोर है। वह दवाई के थोक विक्रेता हैं। 25 दिसंबर को सेंट्रल ब्यूरो नारकोटिक्स टीम ने मेडिसिन प्वाइंट पर छापा मारकर प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की थी।
इस प्रकरण में टीम की ओर से शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तब से सुधाकर रस्तोगी फरार चल रहे थे। सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे बिजनौर-मेरठ हाईवे पर स्थित बैराज पुल पर मुजफ्फरनगर जिले के रामराज क्षेत्र में लगने वाले गेट नंबर 21 पर पहुंचे। अचानक वह गंगा में गिर गए। आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो गोताखोर मोटरबोट लेकर गंगा में उतरे और उन्हें बचाया।
सूचना पर रामराज थाना प्रभारी रविंद्र यादव भी मौके पर पहुंच गए। एसओ ने बताया कि व्यापारी ने बयान में कहा कि वह मछली को दाना डाल रहे थे तो अचानक उनका पैर फिसल गया। चौकी पुलिस ने गोताखोर की मदद से उन्हें बाहर निकाला। हालांकि, चर्चा है कि नारकोटिक्स टीम की छापामारी और मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे हैं। |
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