ताजमहोत्सव में लगा सेल्फी का बोर्ड।
जागरण संवाददाता, आगरा। शिल्प, कला, संस्कृति और व्यंजनों के उत्सव ताज महोत्सव के लिए मंच सज गया है। फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्रुप के भूखंड में बुधवार से 10 दिवसीय महोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक संध्या में कलाकार अपने हुनर से दर्शकों को झुमाएंगे।
ताज महोत्सव स्थल पर सजी करीब 500 स्टाल में देशभर के शिल्पी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव में खान-पान के स्टाल भी सजेंगे, जहां देश और प्रदेश के व्यंजनों का लुत्फ उठाया जा सकेगा।
फतेहाबाद रोड पर टाटा ग्रुप के भूखंड में होगा 10 दिवसीय महोत्सव
ताज महोत्सव का शुभारंभ बुधवार शाम होगा। पहले दिन उद्घाटन समारोह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्तर प्रदेश के रंग का आयोजन होगा। इसमें संस्कृति विभाग में पंजीकृत प्रदेश के कलाकारों द्वारा अलग-अलग विधाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। आयोजन स्थल पर महोत्सव के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यहां तीन जर्मन हैंगर के साथ ही मैदान में शॉपिंग जोन बनाया गया है। करीब 500 शिल्पी स्टॉल लगेंगी, जो पिछले वर्ष के 350 से कहीं अधिक है। इसके लिए शिल्पियों का आगरा पहुंचना शुरू हो गया है।
शिल्प, कला, संस्कृति के उमड़ेंगे कद्रदान, व्यंजनाें का उठा सकेंगे लुत्फ
कश्मीर की पश्मीना शाल, पंजाबी सूट, गुजराती व राजस्थानी वस्त्रों के साथ ही बनारस का सिल्क, लखनऊ का चिकन वर्क, नोर्थ-ईस्ट के कागज के फूल समेत अन्य शिल्प महोत्सव में रहेगा। महोत्सव स्थल पर मंडलीय पुष्प, फल एवं शाकभाजी प्रदर्शनी का आयोजन होगा। यह 10 दिन चलेगी। यहां बनाए गए छोटे मंच पर दोपहर में बच्चों व स्थानीय कलाकारों के कार्यक्रम कराए जाएंगे।
ओडीओपी उत्पादों की लगेंगी स्टाल, पुराने वस्त्रों से बनवा सकेंगे नए वस्त्र
जिला उद्योग विभाग ने महोत्सव में 50 स्टाल आयोजन समिति से ली हैं। इन स्टाल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के एक जिला एक उत्पाद ओडीओपी योजना में शामिल उत्पादों को जगह मिलेगी।
उपायुक्त उद्योग अनुज कुमार ने बताया कि ताज महोत्सव में आगरा के लेदर प्रोडक्ट व पेठा, मथुरा की ठाकुर जी की पोशाक, फिरोजाबाद के कांच उत्पाद, मुरादाबाद का लेदर हैंडीक्राफ्ट, मिर्जापुर का कालीन, बुलंदशहर की पाटरी, मुजफ्फर नगर का गुड़, कन्नौज का इत्र, बनारसी साड़ी, लखनऊ का चिकन वर्क, बरेली की जरी-जरदौजी समेत अन्य उत्पादों की स्टाल लगेंगी। वर्ल्ड डिजाइनिंग फोरम के सहयोग से पुरानी बनारसी साड़ी व अन्य वस्त्रों को फैशन के ट्रेंड के अनुरूप नए डिजाइन के वस्त्रों में तैयार कराया जा सकेगा।
पहली बार शिल्पग्राम में नहीं हो रहा महोत्सव
ताज महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1992 में शिल्पग्राम में की गई थी। इसका उद्देश्य शिल्पियों को प्रोत्साहन देते हुए मंच उपलब्ध कराना और पर्यटन को बढ़ावा देना था। शिल्पग्राम में यूनिटी माल बनाया जा रहा है, जिससे पहली बार शिल्पग्राम से बाहर ताज महोत्सव हो रहा है।
महोत्सव में यह हाेंगे कार्यक्रम, तिथि, कार्यक्रम, कलाकार
- 18 फरवरी, उत्तर प्रदेश के रंग, संस्कृति विभाग के पंजीकृत कलाकार
- 19 फरवरी, कवि सम्मेलन एवं मुशायरा, केंद्रीय हिंदी संस्थान या आकाशवाणी
- 20 फरवरी, सूफी संध्या, अली ब्रदर्स
- 21 फरवरी, बैंड, इंडियन ओशन बैंड
- 22 फरवरी, बालीवुड नाइट, नीरज श्रीधर
- 23 फरवरी, पंजाबी नाइट, परमिश वमा्र
- 24 फरवरी, भक्ति संध्या, माधवाज बैंड
- 25 फरवरी, बालीवुड नाइट, मधुबंती बागची
- 26 फरवरी, कामेडी नाइट, कृष्णा अभिषेक
- 27 फरवरी, समापन संध्या, सचिन-जिगर
फतेहपुर सीकरी
21 फरवरी, कव्वाली संध्या, निजामी बंधु युवा
बटेश्वर
23 फरवरी, भजन संध्या, मिश्रा बंधु
ताज महोत्सव के लिए तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। आज साउंड टेस्टिंग की जाएगी। -
शक्ति सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी। |