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सहरसा में लगातार हो रही घटना की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
जागरण संवाददाता, सहरसा। सहरसा जिले में पिछले एक साल में सिर काटकर हुई तीन निर्मम हत्याओं में एक चौंकाने वाली समानता सामने आई है। सभी घटनाएँ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई, लेकिन माह की 12 तारीख पर ही अंजाम दी गईं। यह संयोग जिले में जघन्य अपराध की नई पहचान बन गया है।
पहली घटना 12 अप्रैल 2025 को पतरघट थाना क्षेत्र में हुई। गोलमा पश्चिमी पंचायत वार्ड नंबर 12 के भूंजा विक्रेता निर्मल साह की सिर काटकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने सिर नदी किनारे प्लास्टिक में छोड़ दिया। यह हत्या प्रेम प्रसंग के कारण की गई थी। घटना के 12 दिन बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किया।
दूसरी घटना 12 अक्टूबर 2025 को कनरिया थाना क्षेत्र के सुखासनी गांव में हुई। 65 वर्षीय नारायण यादव की हत्या उनके पुत्र पिंटू ने संपत्ति विवाद को लेकर की थी। मामला दो कट्ठा जमीन की खरीद से जुड़ा था। पुलिस ने पिंटू को गिरफ्तार कर लिया और हत्या का उद्भेदन कर दिया।
तीसरी घटना 12 अप्रैल 2026 को सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र में हुई। एक युवक की हत्या प्रेम प्रसंग को लेकर गला रेतकर की गई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया और मामले की जांच कर रही है।
सहरसा पुलिस का कहना है कि तीनों घटनाओं में चाहे कारण प्रेम प्रसंग हो या संपत्ति विवाद, यह संयोग ही है कि सभी निर्मम हत्याएँ माह की 12 तारीख को हुईं। जिले में यह तारीख अब अपराध की नई पहचान बन चुकी है। तीनों मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपितों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस ने इलाके में सतर्कता बढ़ाई और लोगों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और गश्त लगातार जारी रहेगी, ताकि नागरिक सुरक्षित रहें और अपराधियों को किसी भी स्थिति में बचने का मौका न मिले। |
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