मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अब मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमयूटी) राज्य कर विभाग की बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल आडिट कर सकेगा। राज्य कर विभाग की बिल्डिंग की मजबूती जांचने के लिए मुख्यालय की ओर से किसी सरकारी विभाग से जांच कराने का निर्देश दिया गया था।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग की टीम के द्वारा बिल्डिंग की जांच की गई और किसी शैक्षणिक संस्थान से जांच कराने की अनुशंसा की गई है। इसके बाद राज्य कर विभाग ने एमएमयूटी से बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल आडिट कराने संबंधी आदेश जारी कर दिया है।
राज्य कर विभाग के मुख्यालय के निर्देश के अनुपालन में पीडब्ल्यूडी की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण किया। टीम ने भवन की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता और संभावित संरचनात्मक जोखिमों का प्रारंभिक आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान दीवारों, छत, बीम और स्तंभों की स्थिति का परीक्षण किया गया। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि भवन की वास्तविक मजबूती और दीर्घकालिक स्थायित्व का सटीक आकलन किसी तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थान से कराया जाना अधिक उपयुक्त होगा।
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पीडब्ल्यूडी की अनुशंसा के बाद राज्य कर विभाग ने विस्तृत जांच के लिए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमयूटी) से परीक्षण कराने की संस्तुति कर दी है। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक तरीकों से भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिट किए जाने की संभावना है।
राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर आलोक कुमार सचान ने कहा कि एमएमयूटी की इंजीनियरिंग टीम कंक्रीट की गुणवत्ता, लोड बेयरिंग क्षमता, स्टील रिइंफोर्समेंट की स्थिति और भवन की समग्र स्थिरता की विस्तृत जांच करेगी। |