Gold Silver Import: सोने को पीछे छोड़ 129% क्यों उछला चांदी का आयात? क्या बदल रहा है गोल्ड-सिल्वर का गणित
नई दिल्ली| देश में सोना-चांदी (gold silver investment) के कारोबार का गणित तेजी से बदल रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान भारत का चांदी आयात मूल्य 128.95% उछलकर 7.77 अरब डॉलर (India Silver Imports Surge) पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 3.39 अरब डॉलर था। यह बढ़ोतरी सिर्फ कीमतों की वजह से नहीं, बल्कि भारी मात्रा में आयात बढ़ने से भी हुई है।
आंकड़ों के अनुसार, चांदी की आयातित मात्रा 56.07% बढ़ी, जबकि यूनिट प्राइस 46.69% चढ़ा। कुल आयात 5,727.07 हजार किलोग्राम तक पहुंच गया, जो एक साल पहले 369.48 हजार किलोग्राम था।
औसत कीमत 925.06 डॉलर प्रति किलो से बढ़कर 1,356.98 डॉलर प्रति किलो हो गई। साफ है कि इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश, दोनों ने चांदी को मजबूत सहारा दिया।
सोना क्यों रह गया पीछे?
वहीं सोने की तस्वीर अलग है। अप्रैल-दिसंबर 2025 में गोल्ड आयात का मूल्य 1.83% बढ़कर 49.39 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल 48.51 अरब डॉलर था। लेकिन मात्रा 18.29% घट गई। सोने का आयात 639.30 हजार किलोग्राम से गिरकर 522.38 हजार किलोग्राम रह गया।
इसकी वजह ऊंची कीमतें हैं। गोल्ड का औसत आयात मूल्य 24.62% बढ़कर 94,554.33 डॉलर प्रति किलो हो गया, जो पहले 75,873.08 डॉलर था।
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आगे के लिए क्या हैं संकेत?
लंबी अवधि का ट्रेंड भी यही संकेत देता है। FY19 में सोने का आयात मूल्य 32.91 अरब डॉलर था, जो FY25 में बढ़कर 58.01 अरब डॉलर पहुंच गया यानी 76% की बढ़त। लेकिन मात्रा 982.72 टन से घटकर 757.10 टन रह गई, लगभग 23% की गिरावट।
साफ है कि सोना अब कीमत आधारित खेल बनता जा रहा है। FY26 (अप्रैल-दिसंबर) में गोल्ड आयात 49.39 अरब डॉलर और 474.99 टन रहा, जो बताता है कि ऊंचे दामों का असर जारी है।
भारत का कुल निर्यात कितना?
कुल व्यापार की बात करें तो जनवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात 13.16% बढ़कर 80.45 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं आयात 18.77% बढ़कर 90.83 अरब डॉलर रहा। इससे व्यापार घाटा बढ़कर 10.38 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल जनवरी में 5.39 अरब डॉलर था।
यानी यह साफ है कि महंगे सोने के बीच चांदी तेज भाग रही है। आने वाले महीनों में गोल्ड-सिल्वर का यह बदला हुआ ट्रेंड निवेशकों के लिए बड़ा संकेत हो सकता है। |