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बैंक भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजस्थान के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में वर्ष 2023 में आयोजित प्रोबेशनरी ऑफिसर (पीओ) भर्ती परीक्षा में चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक अभ्यर्थी ने अपने स्थान पर सॉल्वर बैठाकर न केवल प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा दिलवाई, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में फोटो और फिंगरप्रिंट भी उसी के इस्तेमाल किए। चयन के बाद ज्वाइनिंग के दौरान बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी सामने आई और पूरा खेल उजागर हो गया।
शिकायत के आधार पर राजस्थान पुलिस ने पहले जीरो पर प्रकरण दर्ज किया। चूंकि प्रीलिम्स परीक्षा का सेंटर भोपाल में था, इसलिए केस डायरी यहां स्थानांतरित कर दी गई है। अब मामले की जांच बिलखिरिया थाना पुलिस कर रही है।
भोपाल सेंटर से जुड़ा मामला
बिलखिरिया थाना प्रभारी उमेश सिंह के अनुसार, वर्ष 2023 की प्रीलिम्स परीक्षा भोपाल स्थित आईओएन डिजिटल इंस्टीट्यूट कॉलेज सेंटर (बिलखिरिया क्षेत्र) में आयोजित हुई थी। आवेदन संदीप नाम से किया गया था, लेकिन फॉर्म में लगी फोटो किसी अन्य व्यक्ति की थी।
जांच में सामने आया कि सॉल्वर ने संदीप बनकर पहले प्रीलिम्स और फिर दूसरे सेंटर पर मेन्स परीक्षा दी। पूरी प्रक्रिया इतनी सुनियोजित थी कि परीक्षा के किसी भी चरण में संदेह नहीं हुआ और अभ्यर्थी का चयन भी हो गया।
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ज्वाइनिंग के वक्त पर्दाफाश
हाल ही में जब चयनित अभ्यर्थी राजस्थान में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा, तब दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच के दौरान फोटो और फिंगरप्रिंट मेल नहीं खाए। इसी विसंगति ने पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।
सॉल्वर गैंग की आशंका
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह किसी संगठित सॉल्वर गैंग का काम हो सकता है, जो मोटी रकम लेकर परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थी बैठाता है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में चूक कहां हुई और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। |
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