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सजा के बाद अभियुक्तों को ले जाती पुलिस। जागरण
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। हमीरपुर के कुरारा क्षेत्र के कुसमरा गांव में किसान की नृशंस हत्या कर दी गई थी। उसे बल्ली से मारा फिर सिर पर ट्रैक्टर चढ़ाकर मार डाला। अब इस मामले में मंगलवार को विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट अनिल कुमार खरवार ने आरोपित पिता-पुत्रों समेत छह को दोषी करार दिया। न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ल ने बताया कि डिमुंहा गांव निवासी रामराज पुत्र मान सिंह ने कुरारा थाने में तहरीर देकर बताया कि 24 अगस्त 2023 को पिता मान सिंह घर से गेहूं पिसवाने के लिए कुसमरा गांव गए थे। जहां से दोपहर वापस लौटते समय जमीनी रंजिश के चलते गांव के करिया उर्फ धनीराम उर्फ लाला यादव, इसके पुत्र कप्तान यादव व भूप सिंह यादव ने गांव के जुग्गी उर्फ कौशलेंद्र, उपदेश उर्फ बड़े व टिर्रा यादव के साथ मिलकर रास्ते में पिता की हत्या कर दी। जिस पर थाना पुलिस ने पिता-पुत्रों सहित आधा दर्जन हत्यारोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के बाद पुलिस ने सभी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। उक्त मामले में बीते दिनों दोषसिद्ध कर दिया गया था और सजा के बिंदु पर मंगलवार को सुनवाई हुई। उक्त मामले में विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट अनिल कुमार खरवार ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त पिता करिया उर्फ धनीराम उर्फ लाला यादव, उसके बेटे कप्तान यादव के अलावा भूप सिंह यादव, गांव के ही जुग्गी उर्फ कौशलेंद्र, उपदेश उर्फ बड़े और टिर्रा यादव को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बल्ली से किया था हमला, सिर पर ट्रैक्टर चढ़ा कर हत्या
कुरारा थाना क्षेत्र के डिमुहा गांव के सिद्ध बाबा डेरा निवासी 75 वर्षीय मान सिंह 24 अगस्त 2023 दिन गुरुवार को कुसमरा गांव स्थित चक्की में गेहूं पिसाने गए थे। तभी जमीन के विवाद को लेकर गांव करिया उर्फ धनीराम उर्फ लाला यादव, इनके पुत्र कप्तान यादव, भूप सिंह, जुग्गी उर्फ कौशलेंद्र, उपदेश व टिर्रा यादव ने उन्हें पहले लकड़ी की बल्ली से मारकर घायल कर दिया। गिरने के बाद उनके सिर के ऊपर से ट्रैक्टर चढ़ा कर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंचे स्वजन ने जमीनी रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाया था। अभियुक्तों ने कुसमरा संपर्क मार्ग पर गांव से करीब दो किमी दूर हत्या कर दुर्घटना का प्रयास किया था।
डाग स्क्वायड के साथ घटना स्थल पहुंची थीं एसपी
हत्या की सूचना पर एसपी डा. दीक्षा शर्मा, एएसपी मायाराम वर्मा, सीओ सदर राजेश कमल के साथ डाग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हत्या प्रतीत हो रही थी। जहां पुलिस को जांच में घटनास्थल के पास खून से सना डंडा मिला था। आसपास खून भी पड़ा मिला था। शव को देखकर हत्या प्रतीत हो रही थी।
डर के कारण महिलाओं ने नहीं दी थी गवाही
किसान की हत्या के दौरान कुछ महिलाएं खेत में चारा काट रही थीं। जिन्होंने घटना को देखा, लेकिन डर वश वह कुछ नहीं बोल सकीं। बताया कि ट्रैक्टर से गांव के ही एक व्यक्ति ने घटना को अंजाम दिया है। मान सिंह का उससे जमीन का विवाद चल रहा था।
ननिहाल में परिवार के साथ रहता था दिवंगत किसान
मान सिंह अपने ननिहाल डिमुहा गांव में पत्नी के साथ अकेला रहकर खेती करता था। पिता की मौत के बाद अपनी मां के साथ ननिहाल आ गया था। इसके बाद मां ने यहां पांच बीघा जमीन खरीदी थी। वहीं बाद में मान सिंह को 14 बीघे का पट्टा मिला था। बाद में पांच बीघा जमीन मामा की बेटी से खरीदी थी।
इस कारण से हुआ था जमीन विवाद
मान सिंह की मां ने ननिहाल में ही पांच बीघा जमीन खरीदी थी। उसके बाद मान सिंह को ननिहाल में 14 बीघे का पट्टा वर्ष 1962 में मिला था। इसमें अभियुक्त लोग काबिज थे। वहीं बाद में पांच बीघा जमीन मामा की बेटी से खरीदी थी। इस पर दोनों पक्षों में मुकदमा चलता रहा। हाईकोर्ट जाने के बाद फाइल जिले के चकबंदी विभाग में लौट आई है। इस पर विचारण चल रहा है। मान सिंह के स्वजन के अनुसार, मामले की 26 अगस्त को तारीख भी लगी थी। इससे पूर्व ही अभियुक्तों ने हत्या कर घटना को अंजाम दिया था।
बड़े बेटे की बीमारी से पहले हो चुकी थी मौत
मान सिंह के बड़े बेटे देवराज की बीमारी के चलते काफी समय पहले मौत हो गई थी। एक बेटा रामराज अपने पैतृक गांव तहरापुर मूसानगर में रहकर खेती करता है। कुछ दिन पूर्व रामराज की बेटी खुशबू बाबा-दादी के यहां आई थी। जो हत्या के समय गांव में ही थी। |
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