28 जनवरी काे रामगढ़ताल थाने में ठगी के शिकार लोगों ने दर्ज कराया था केस
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोपित अंकुर शर्मा व उसके सहयोगी मुकदमा दर्ज करने के बाद लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। पिछले एक सप्ताह से अंकुर नेपाल सीमा से सटे इलाकों में घूम रहा था। सोमवार की रात लोकेशन मिलने पर पहचान करने के लिए ठगी के शिकार अजीत यादव को अपने साथ लेकर पुलिस टीम गई थी।
रामगढ़ताल थाने में 28 जनवरी 2026 को अजीत यादव समेत 20 निवेशकों की तहरीर पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज हुआ था। टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों पर दो से चार प्रतिशत मासिक मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये वसूलने का आरोप है। भगत चौराहा पर स्थित कंपनी का कार्यालय पिछले छह माह से बंद है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद अंकुर व उसके साथी बार-बार ठिकाना बदल रहे हैं। कभी निचलौल तो कभी नेपाल सीमा के आसपास उसकी मोबाइल लोकेशन ट्रेस हुई। सोमवार रात सूचना मिली कि वह सिंदुरिया क्षेत्र में रुका हुआ है। पहचान की पुष्टि के लिए पीड़ित अजीत यादव को भी पुलिस टीम अपने साथ ले गई। संभावित स्थान पर टीम ने दबिश देकर आरोपित को पकड़ लिया।
कुशीनगर के रहने वाले हैं जालसाज
टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय देवरिया बाइपास रोड स्थित भगत चौराहा के पास एचडीएफसी बैंक की बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा था। कंपनी का संचालन कुशीनगर के रामकोला लाला छपरा निवासी अशोक कुमार शर्मा (मैनेजिंग डायरेक्टर), रानी शर्मा (डायरेक्टर), जितेंद्र शर्मा, पारस नाथ शर्मा,अंकुर शर्मा और देवरिया के खेराट बंजारिया निवासी अनिल शर्मा संयुक्त रूप से कर रहे थे।
आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने गोल्ड प्रोडक्ट के क्रय-विक्रय और ट्रेडिंग के नाम पर निवेश को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए सुनिश्चित मुनाफे का भरोसा दिलाया। निवेशकों को हर माह दो से चार प्रतिशत रिटर्न देने का प्रलोभन दिया था। झांसे में आकर गोरखपुर, देवरिया और आसपास के जिलों के सैकड़ों लोगों ने निवेश कर दिया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को लाभी मिला था।
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इनके साथ हुई है ठगी
ठगी के शिकार पीड़ितों में अजीत यादव के अलावा अरुण कुमार सिंह, चंद्रशेखर राय, संगम पासवान, आनंद द्विवेदी, दिलीप कुमार तिवारी, वृंदावन शर्मा, बृजेश कुमार, विवेक कुमार निषाद, हेमंत कुमार, छन्ने लाल, वीरेंद्र कुमार शर्मा, परमेश्वर कुमार गुप्ता, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, इंदु देवी, राम कुमार अग्रवाल, शशि कपूर, राहुल यादव, रामबदन यादव, राजेश कुमार शामिल हैं।
सिर में चोट लगने से हुई दारोगा की मौत
दुर्घटना में जान गंवाने वाले दारोगा संतोष कुमार की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वह स्कार्पियो की बीच वाली सीट पर बैठे थे। चोट के अलावा अधिक रक्तस्राव मौत का कारण बनी। हादसे में घायल वरिष्ठ उप निरीक्षक (एसएसआइ) रमेश चंद कुशवाहा का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया है, जबकि बाएं पैर में हल्की चोट आई है। महिला दारोगा व स्कार्पियो चालक का दोनों हाथ फैक्चर हो गया है। गाड़ी मालिक अजीत यादव के सिर और हाथ में चोट लगी है। |