सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, नवाबगंज (गोंडा)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) टिकरी से महज 150 मीटर दूरी पर अवैध क्नीलिक संचालित हो रहा था और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। किशुनदासपुर निवासी किसान रामकरन वर्मा की इंजेक्शन लगाने से मौत के बाद बुधवार को झोलाछाप बोर्ड हटाकर फरार हो गया है।
उधर, मृतक के बेटे सुजीत वर्मा ने तहरीर देकर हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है। मृतक खेती करके भरण पोषण करते थे। उनके एक बेटा सुजीत है जो विवाहित है वह भी घर पर ही रहता है। पत्नी पायल देवी का रो-रोकर हाल-बेहाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब छह वर्षो से झोलाछाप इलाज कर रहा है। गलत दवा और इंजेक्शन के कारण कई मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। एक वर्ष पूर्व भोपतपुर गांव में भी झोलाछाप के गलत इंजेक्शन से महिला गायत्री देवी की मौत का मामला प्रकाश में आया था। झोलाछाप क्लीनिक चला रहे हैं। जिले के एक स्वास्थ्य अधिकारी पर सवाल उठाया जा रहा है। प्रश्न उठ रहा है कि किसके संरक्षण में अवैध क्लीनिक, नर्सिंगहोम व पैथोलाजी का जाल फैला है। कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राम मोहन सिंह ने कहा कि उनको झोलाछाप के बारे में जानकारी नहीं है। पीएचसी टिकरी में चिकित्सक की मौजूदगी न होने के मामले में बताया डा. ऋषभ की तैनाती हुई है लेकिन, उन्होंने बीमारी का हवाला देकर नहीं आ रहे हैं। उधर, मृतक के बेटे से सुलह समझौते के लिए मान मनौव्वल की जा रही है। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि तहरीर मिली है।
यह भी पढ़ें- चार लापता बच्चों को 17 घंटे तक खोजती रही यूपी पुलिस, अगली सुबह सरसों के खेत में इस हालत में मिले |
|