विधानसभा में सदन बहिष्कार के बाद परिसर में प्रदर्शन करते विपक्षी विधायक। जागरण
राज्य ब्यूरो, पटना। ग्रामीण कार्य विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव देने वाले विपक्ष के विधायक आलोक मेहता, कमरुल होदा, सतीश सिंह यादव व राहुल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र की जनता ग्रामीण सड़क व पुल पुलिया से वंचित होगी।
विधानसभा में भोजनावकाश के उपरांत बुधवार को ग्रामीण कार्य विभाग के बजट पर सरकार के उत्तर के दौरान मंत्री अशोक चौधरी ने संबंधित विधायकों के विरुद्ध यह घोषणा की।
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने विधानसभा में की घोषणा
मंत्री अशोक चौधरी ने विरोधी दल के नेताओं से कटौती प्रस्ताव वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि आप लोग कटौती प्रस्ताव वापस नहीं लेंगे तो आपके क्षेत्र में ग्रामीण कार्य विभाग कोई काम नहीं कराएगा।
साथ ही चेतावनी दी कि विपक्ष के जिन विधायकों ने कटौती प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया उनके क्षेत्र में ग्रामीण कार्य विभाग का काम नहीं होगा।
ग्रामीण कार्य विभाग के 11,312.1799 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर
इससे पहले विपक्ष ने मंत्री पर विभाग के बजट पर उत्तर के देने बजाय इधर-उधर की चर्चा करने पर आरोप लगाते हुए सदन का बहिष्कार किया।
इस बीच मंत्री ने विस्तार से ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में कराए जाने वाले काम एवं सरकार की घोषणा सदन में पढ़ते रहे। अंत में ध्वनी मत सदन ने 11,312.1799 करोड़ रुपये के ग्रामीण कार्य विभाग के बजट को स्वीकृति प्रदान की।
बढ़ेगी पारदर्शिता व उत्तरदायित्व
मंत्री ने सदन को बताया कि ग्रामीण बसावटों जिसकी आबादी एक सौ से अधिक है अब बारहमासी एकल संपर्कता प्रदान करने के मिशन में ग्रामीण कार्य विभाग जुटा है।
क्षेत्रीय स्तर पर क्रियान्वित योजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रशासनिक कार्यों के अनुश्रवण के लिए विभागीय स्तर पर विशिष्ट अनुश्रवण एवं मूल्यांकन कोषांग की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
अब तक क्षेत्रीय स्तर पर क्रियान्वित किए जा रहे योजनाओं एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में हो रहे प्रशासनिक कार्यों के अनुश्रवण हेतु विभाग स्तर पर कोई विशिष्ट कोषांग नहीं थी।
इस विशिष्ट कोषांग के माध्यम से ग्रामीण अवसंरचना परियोजनाओं की गुणवत्ता, प्रगति, वित्तीय अनुशासन तथा शिकायत निवारण तंत्र को एकीकृत एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जाएगा।
यह कोषांग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना सहित ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की समेकित निगरानी करेगा।
साप्ताहिक आकस्मिक निरीक्षण अभियान शुरू
साथ ही, यह भौतिक प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ गुणवत्ता परीक्षण, वित्तीय प्रगति, बिल तैयारी, अंतिम भुगतान तथा बजट उपयोगिता की नियमित जांच भी सुनिश्चित करेगा।
इस कोषांग के गठन के साथ विशेष रूप से साप्ताहिक आकस्मिक निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अधिकृत पदाधिकारी हर सप्ताह चयनित परियोजनाओं का अचानक निरीक्षण करेंगे।
इससे ज़मीनी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन कोषांग के गठन से विभागीय कार्यप्रणाली में तीन प्रमुख सुधार, रीयल-टाइम निगरानी प्रणाली की सुदृढ़ व्यवस्था, शिकायतों पर त्वरित एवं प्रमाणिक कार्रवाई तथा प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाएगा। |
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