सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, शिमला। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत केंद्र सरकार से मिले बजट को 19 विश्राम गृह बनाने पर खर्च कर दिया है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में बजट के दुरुपयोग का यह मामला है।
मंडी जिला के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 12 विश्राम गृह (रेस्ट हाउस, इंस्पेक्शन हट्स, किसान भवन) का निर्माण हुआ है गया है, जबकि 7 विश्राम गृह सराज विस क्षेत्र में बने हैं। यह पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का विस क्षेत्र हैं। इस पर कुल 37.85 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। 26.11 करोड़ धर्मपुर व 11.74 करोड़ सराज विस क्षेत्र में खर्च किया गया।
विधायक चंद्रशेखर द्वारा पूछे प्रश्न के उत्तर में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 12 विश्राम गृह में से 5 अभी निर्माणाधीन हैं जबकि 7 का काम पूरा हो चुका है, उनका उपयोग शुरू हो चुका है। इसी तरह सराज विस क्षेत्र में 7 का काम पूरा हो चुका है व 1 इंस्पेक्शन हट का काम चला हुआ है।
उन्होंने कहा कि इंस्पेक्शन हट्स, किसान भवन व अलग अलग नामों से इनका निर्माण किया गया है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के लिए जो बजट मंजूर हुआ था उसके तहत विश्राम गृह बनाने का प्रविधान ही नहीं था। केंद्र ने भी इस पर आपत्ति जताते हुए इसके लिए बजट देने से इंकार कर दिया है।
राज्य सरकार को कहा गया है कि 37.85 करोड़ राज्य बजट से खर्च करे। केंद्रीय टीम धर्मपुर क्षेत्र का दौरा करके भी गई है जहां पर मिशन का पैसा खर्च हुआ है। कुल 19 विश्राम गृह में 2 सराज विस क्षेत्र में बने हैं उन पर राज्य बजट से पैसा खर्च हुआ है जबकि धर्मपुर के एक विश्राम गह पर जल शक्ति विभाग ने ही पैसा खर्च किया है।
धर्मपुर विस क्षेत्र को 1450 करोड़ किए थे मंजूर
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से हिमाचल को 6395 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। 5167 करोड़ ही राज्य को पैसा मिला है।अभी भी 1227 करोड़ का बजट लंबित है। इस मिशन के तहत प्रदेश को कुल 1747 योजनाएं मंजूर हुई थी, 1100 योजनाओं का काम चल रहा है। शेष लंबित है।
मिशन के तहत धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 1450 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था। इसमें से 650 करोड़ रुपए के कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि शेष कार्य लंबित हैं। केंद्र से जेजेएम के तहत जब बजट आएगा तब इसे पूरा किया जा सकेगा।
केंद्र ने कहा मुफ्त का पानी देना बंद कर 100 रुपए बिल वसूले
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जेजेएम के तहत केंद्र के पास लंबित 1227 करोड़ की राशि के लिए वे कई बार केंद्रीय मंत्री से मिल चुके हैं। 1227 करोड़ में से 600 करोड़ रुपए का काम पहले ही हो चुका है। पूर्व सरकार ने केंद्र को लिखकर दिया था कि राज्य में मिशन पूरा हो चुका है। केंद्र ने बजट रोका है।
केंद्र ने इस राशि को जारी करने के लिए नई शर्त लगाई है। इसमें कहा गया है कि जेजेएम के तहत पानी की योजनाएं केवल टैंक तक बनाई जाएगी। इससे आगे का कार्य ग्रामीण विकास विभाग से करवाया जाए। निश्शुल्क पानी देने से भी इंकार करते हुए सामान्य परिवारों से 100 रुपए व कम आय वालों के लिए 30 रुपए मासिक बिल वसूलने की शर्त लगाई है।
बिना कैबिनेट मंजूरी के नहीं बनेगा विश्राम गृह
सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि जेजेएम के तहत हर घर में नल लगने चाहिए थे। विश्राम गृह का प्रविधान नहीं था। उन्होंने कहा किकई बार नेता अधिकारियों पर दबाव बनाकर ऐसे कार्य करवा लेते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सख्त नियम होना चाहिए ताकि अधिकारी कह सके कि उन्होंने ऐसा किया तो वे फंस जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने सदन में ऐलान किया कि जल शक्ति विभाग में अब कोई भी विश्राम गृह बिना कैबिनेट मंजूरी के नहीं बनाया जाएगा। |
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