राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार 10 प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को निजी हाथों में सौंपने जा रही है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (यूपीईटीडीबी) ने निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मॉडल इन स्थलों का संचालन और देखरेख कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए 27 फरवरी तक प्रस्ताव मांगे गए हैं।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्राकृतिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए अयोध्या की उधेला झील, ललितपुर के बदरौन स्थित करकरावल जलप्रपात, बाराबंकी की बघर झील, बलिया के मैरीटार गांव, सीतापुर की अज्जेपुर झील, महाराजगंज के देवदह स्थल, कुशीनगर की रामपुर सोहरौना झील, चित्रकूट के रामनगर, जालौन के पचनदा और बांदा जनपद की तहसील नरैनी में कालिंजर किले के समीप पर्यटन सुविधा केंद्र पर विकसित परियोजनाओं का संचालन पीपीपी माडल से कराया जाएगा।
इसका विस्तृत विवरण, शर्तें एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी बोर्ड की वेबसाइट https://upecoboard.up.gov.in/en/tenders पर उपलब्ध है।
चयनित एजेंसियों को परियोजनाओं का संचालन 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन करने पर यह अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी। |