आईआईटी दिल्ली में विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को वैज्ञानिक तरीके से निखारने और खेल जगत को डेटा-आधारित दिशा देने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली ने बड़ी पहल की है।
संस्थान ने स्पोर्ट्स अथाॅरिटी ऑफ इंडिया और यूनिवर्सिटी ऑफ अक्सटर के सहयोग से स्पोर्ट्स टेक्नोलाॅजी, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है।
यह इन-पर्सन कार्यक्रम दो से छह मार्च 2026 तक आयोजित होगा और इसे देश में खेल विज्ञान व तकनीक के संगम की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण खास तौर पर कोच, फिजियो, फिटनेस विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट और खेल उद्यमियों के लिए तैयार किया गया है। प्रतिभागियों को सिखाया जाएगा कि आधुनिक सेंसर, एआई टूल्स और डेटा विश्लेषण के माध्यम से खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और प्रदर्शन का सटीक आकलन कैसे किया जाए।
इसके साथ ही पाठ्यक्रम में न्यूट्रिशन, फिजियोलाजी, बायोमैकेनिक्स, वियरेबल टेक्नोलाॅजी, न्यूरल सिस्टम, एआर-वीआर और एप्लाइड डेटा साइंस जैसे विषय भी शामिल किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मोशन कैप्चर, बायोमैकेनिकल माॅडलिंग, वायरलेस ईएमजी, न्यूरोमस्कुलर असेसमेंट और वीआर-आधारित सिमुलेशन जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे वे सीधे मैदान में इनका उपयोग कर सकेंगे।
ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर प्रो. बिस्वरूप मुखर्जी के अनुसार यह पहल केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल प्रदर्शन सुधारने के लिए तकनीक के वास्तविक उपयोग पर केंद्रित है। इसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और प्रमुख खेल अकादमियों के प्रशिक्षक भी सत्र लेंगे।
कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक प्रतिभागी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास भारत में खेल प्रशिक्षण को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक और तकनीक-आधारित मॉडल की ओर ले जाएंगे।
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