विभिन्न वार्डों में 5100 मीटर लंबी तीन सड़कों का होगा कायाकल्प
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम ग्रिड) योजना के चौथे चरण में तीन प्रमुख सड़कों को स्मार्ट रूप में विकसित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
नगर निगम की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार इन परियोजनाओं पर कुल 178.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। करीब 5100 मीटर लंबाई की इन सड़कों का कायाकल्प सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ ड्रेनेज सिस्टम, भूमिगत केबलिंग, आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइट, व्यवस्थित फुटपाथ और आकर्षक सौंदर्यीकरण कार्यों के माध्यम से किया जाएगा।
पहली परियोजना के तहत बेतियाहाता चौक से एनएच-28 तक सड़क का विकास किया जाएगा। यह मार्ग अलहदादपुर तिराहा, टीडीएम तिराहा और रैन बसेरा रोड होते हुए लगभग 2200 मीटर लंबाई में तैयार होगा। इस कार्य पर 83.90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
सड़क के स्मार्ट रूप में विकसित होने के बाद यातायात जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। साथ ही पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और बेहतर प्रकाश व्यवस्था से दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण लगेगा।
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दूसरी सड़क टीडीएम तिराहा से महेवा चुंगी तक विकसित की जाएगी। यह मार्ग पांडेयहाता पुलिस स्टेशन और बर्फ खाना रोड से होते हुए हार्बर्ट बंधा तक लगभग 1900 मीटर लंबाई में बनाया जाएगा। इस परियोजना पर 71.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह क्षेत्र शहर के प्रमुख व्यापारिक और घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ता है।
स्मार्ट सड़क बनने से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय निवासियों को आवागमन में सहूलियत होगी। भूमिगत केबलिंग से तारों का जाल खत्म होगा, जिससे दृश्य सौंदर्य भी बेहतर होगा।
तीसरी परियोजना के अंतर्गत अलहदादपुर तिराहा से घंटाघर तक रायगंज होते हुए लगभग 1000 मीटर लंबी सड़क का विकास किया जाएगा। इस पर 23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह मार्ग शहर के पुराने हिस्से को जोड़ता है, जहां ट्रैफिक दबाव अधिक रहता है। सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन के आधुनिक उपायों से यहां जाम की समस्या में राहत मिलने की संभावना है।
तीनों परियोजनाओं संबंधित प्रस्ताव बनाकर तैयार कर लिया गया है । इन सड़कों के स्मार्ट विकास से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि शहर का स्वरूप भी आधुनिक और आकर्षक बनेगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद शहरवासियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। -
-अमित कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम |