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बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर एक्शन का दावा झूठा! फरीदाबाद में दिखावटी कार्रवाई से उठे सवाल, नियमों की उड़ रही धज्जियां

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जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट से इसे ही तोड़ने का किया है दावा। जागरण



प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। फरीदाबाद में अवैध निर्माणाें पर किस तरह सिर्फ दिखावटी कार्रवाई की जाती है, इसका उदाहरण ग्रेटर फरीदाबाद में देखने को मिला है।

सोमवार को जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट की ओर से मास्टर रोड किनारे वर्ल्ड स्ट्रीट के पास बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, फूड जंक्शन, स्पोर्ट्स एकेडमी पर कार्रवाई की गई। लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूरी की गई थी। कहीं शीशे तोड़े तो कहीं लकड़ी से बनी सजावटी रेलिंग, झोपड़ी व अस्थायी ढांचे तोड़े गए।

दावा किया गया था कि मौके से चार एकड़ जमीन से निर्माण तोड़े गए, जबकि आज भी वहां निर्माण हैं। कुछ पक्के निर्माण की ओर तो अर्थमूवर गई ही नहीं। यह भी कह सकते हैं कि अधिकारी दिखावे के लिए कार्रवाई करते हैं, लेकिन वास्तव में ठोस कदम नहीं उठाए जाते। इसी वजह से अवैध निर्माणकर्ताओं के हौंसले बुलंद हैं।

  

वर्ल्ड स्ट्रीट के पास जहां सोमवार को तोड़फोड़ की गई थी, वहां लगाया गया काला पर्दा। जागरण
नियमों का उल्लंघन से किए हुए हैं निर्माण

ग्रेटर फरीदाबाद में तेजी से अवैध निर्माण हो रहे हैं। यहां मास्टर रोड किनारे काफी जमीन तो किसानों की है लेकिन इस पर केवल खेती की जा सकती है। अधिकतर किसान इस जमीन का प्रयोग कामर्शियल रूप में कर रहे हैं या फिर इसे किराये पर दे दिया गया है। काफी जमीन पर बैंक्वेट हाल, रेस्टोरेंट सहित अन्य निर्माण हो गए हैं। क्योंकि इस जमीन का सीएलयू नहीं हुआ है, इसलिए नक्शा भी पास नहीं कराया गया है।

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वहीं, इस बारे में पूरी जानकारी विभाागाें को है लेकिन प्रशासन अक्सर केवल नोटिस जारी कर देता है, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं होती। यूं भी कह सकते हैं कि राजनीतिक व अन्य प्रभावशाली लोगों के कारण सख्त कदम नहीं उठाए जाते। इन सभी की वजह से आमजन को परेशानी होती है। ट्रैफिक जाम होता है, ध्वनि प्रदूषण, पार्किंग समस्या और सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है। दूसरी ओर राजस्व की हानि होती है। सरकार को टैक्स और लाइसेंस शुल्क का नुकसान होता है।
पर्दे के पीछे क्या है

वर्ल्ड स्ट्रीट के पास जहां अवैध निर्माण तोड़ने का दावा किया गया था, वहां अब काला और लाल कपड़े से फ्रंट साइड को कवर कर दिया गया है। अंदर क्या चल रहा है, अब सड़क से कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। पता चला है कि जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट द्वारा जो छुटपुट कार्रवाई की गई है, उसकी जल्द मरम्मत की जाएगी। आशंका है कि जल्द यहां फिर से गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।


इस तरह की कार्रवाई में पारदर्शिता जरूरी है। अवैध निर्माण पर सीलिंग और भारी जुर्माना होना चाहिए। शिकायतों के लिए आनलाइन पोर्टल होना चाहिए। जिस पर अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। वरना अधिकारी मनमानी करते रहते हैं। आमजन को परेशानी होती रहती है और राजस्व का नुकसान भी होता है। - निर्मल कुलश्रेष्ठ, चेयरमैन, कन्फेडरेशन आफ आरडब्ल्यूए ग्रेफा

अवैध निर्माण तो कहीं भी होने ही नहीं चाहिए। इससे सरकारी राजस्व को सीधा नुकसान होता है। इसलिए सरकार को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। एक सिरे से कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा न हो कि कहीं तोड़फोड़ हो जाए और किसी को छोड़ दिया जाए। - निशांत रस्तोगी, प्रधान, पुरी प्रणायाम

अर्थमूवर जितनी ऊंचाई तक पहुंच सकती थी, वहां तक कार्रवाई की गई है। हमारे पास अधिक ऊंचाई तक तोड़फोड़ करने वाली अर्थमूवर नहीं है। उम्मीद है कि जहां कार्रवाई हुई है, वहां मरम्मत नहीं हो सकती। यदि ऐसा हुआ तो फिर से कार्रवाई करेंगे। - यजन चौधरी, डीटीपीई
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