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भागलपुर रेलवे जंक्शन के सामने अंबेदकर चौक।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर स्टेशन के प्लेटफार्मों के विस्तार और फुटओवर ब्रिज (एफओबी) की सीढ़ियों की चौड़ाई बढ़ाने का काम अब अप्रैल में शुरू नहीं हो पाएगा। स्टेशन के नक्शे में मामूली खामियों के कारण विकास कार्य नक्शे में सुधार के बाद ही शुरू किया जाएगा। ऐसे में दिसंबर से पहले परियोजना पूरी होने की संभावना कम है। रेलवे अधिकारियों की बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। मालदा एडीआरएम शिव कुमार प्रसाद Shiv Kumar Prasad ने कहा कि नक्शे की खामियों को जल्द दूर किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु और योजना
नक्शे में सुधार के बाद शुरू होगा कार्य: नक्शे में मामूली खामियां ठीक होने के बाद ही प्लेटफार्म और एफओबी विकास कार्य शुरू होंगे।
दो चरणों में होगा काम: प्लेटफार्म संख्या 2 और 3 के एफओबी की सीढ़ियों की चौड़ाई बढ़ाने का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में लोहिया पुल की ओर वाले स्टेयरकेस का काम अप्रैल तक पूरा होगा। इसके बाद नाथनगर छोर वाले स्टेयरकेस का कार्य शुरू होगा।
यात्रियों की सुविधा और संचालन: प्लेटफार्म और एफओबी की चौड़ाई बढ़ने से यात्रियों को आने-जाने में सुविधा होगी और भीड़भाड़ कम होगी।
प्लेटफार्म विस्तार और ट्रैक सुधार
प्लेटफार्म संख्या 2, 3, 5 और 6 की लंबाई कम होने के कारण बड़ी ट्रेनों को प्लेटफार्म 1 और 4 पर लिया जाता है।
प्लेटफार्म 1 को लोहिया पुल के पास से तोड़कर सीधा किया जाएगा।
प्लेटफार्म को पीछे की तरफ शिफ्ट किया जाएगा और आगे जो जगह मिलेगी, उससे ट्रैक को पुरानी सिकलाइन से गुजारकर मेन ट्रैक पर लाया जाएगा।
इस सुधार से प्लेटफार्म 2 और 3 को चौड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी।
प्लेटफार्म विस्तार से स्वीच और प्लेटफार्म बदलने की जरूरत पड़ेगी, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित होगा।
प्लेटफार्म 2 की रेल लाइन को मेन ट्रैक बनाया जाएगा, जिससे डाउन लाइन की तरफ ट्रेनें 100 किमी/घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगी। वर्तमान में कर्व और काशन के कारण रफ्तार केवल 30 किमी/घंटे है।
यार्ड आधुनिकीकरण और रूट रिले सिस्टम
यार्ड आधुनिकीकरण के तहत ट्रैक के सिग्नल और प्वाइंट नई जगह शिफ्ट किए जाएंगे।
स्टेशन पर रूट रिले सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे एक ही सेंट्रलाइज पैनल से ट्रेनों का संचालन होगा।
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और बेहतर सिंग्लिंग से स्टेशन मास्टर प्लेटफार्म पर ट्रेन लेने और यार्ड शंटिंग का निर्णय अकेले ले सकेंगे।
पुराना सिस्टम हटाया जाएगा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिग्नलिंग व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
सेंट्रलाइज पैनल लोको कालोनी के दुर्गा स्थान के पास बनाया जाएगा।
ड्रेनेज और अतिरिक्त सुविधाएं
यार्ड परिसर में ड्रेनेज सिस्टम का विकास किया जाएगा, जिससे बरसात के दौरान पानी जमाव और दुर्घटना की संभावना कम होगी।
बड़हरवा से भागलपुर तक तीसरी लाइन बनने से पहले सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे।
यार्ड में तीन नए लेवल क्रॉसिंग (एलसी) गेट लगाए जाएंगे, जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।
इस विकास परियोजना पर कुल 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे और राशि स्वीकृत हो चुकी है।
यात्रियों और स्टेशन के लिए लाभ
एफओबी की चौड़ाई और प्लेटफार्म विस्तार से यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा।
ट्रेन संचालन तेज और सुरक्षित होगा, जिससे समय की बचत होगी।
प्लेटफार्म और ट्रैक सुधार से स्टेशन का समग्र ढांचा आधुनिक और सुव्यवस्थित होगा।
रूट रिले सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के जरिए ट्रेन संचालन में तेजी और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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