Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का खास महत्व है। यह दिन पूर्णतया धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस शुभ तिथि पर देवी मां लक्ष्मी की पूजा करना और सोना या सोने से निर्मित आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। इसके लिए अक्षय तृतीया के दिन सोने की खरदारी की जाती है।
इस दिन अबूझ मुहूर्त (Auspicious time to buy gold in April 2026) होता है। इसके लिए बिना किसी ज्योतिष और पंचांग सलाह के किसी समय खरीदारी कर सकते हैं। इसके साथ ही शुभ काम की शुरुआत भी कर सकते हैं।
धार्मिक मत है कि अक्षय तृतीया के दिन देवी मां लक्ष्मी की पूजा और भक्ति करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। साथ ही देवी मां लक्ष्मी की कृपा साधक पर बरसती है। आइए, अक्षय तृतीया की सही तिथि, शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं।
कब मनाया जाता है अक्षय तृतीया?
हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया मनाया जाता है। अक्षय तृतीया के दिन देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संपन्नता बनी रहती है। साथ ही धन-संपत्ति में समय के साथ बढ़ोतरी होती रहती है। इस दिन सोना की खरीदारी करना बेहद शुभ होता है।
अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त (Akha Teej 2026 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर होगी। वहीं, तृतीया तिथि का समापन 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इसके लिए 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा। 19 अप्रैल के दिन पूजा का शुभ समय सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक है। इस समय में देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से मनचाहा वरदान मिलेगा।
सोना खरीदने का समय (Akshaya Tritiya 2026 Gold Purchase Time)
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने के लिए शुभ समय 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 20 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 51 मिनट तक है। इस दौरान सोने की खरीदारी कर सकते हैं।
अक्षय तृतीया शुभ योग
अक्षय तृतीया पर दुर्लभ आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है। सौभाग्य योग का समापन रात 08 बजकर 02 मिनट पर होगा। इसके बाद सौभाग्य योग का संयोग है। साथ ही त्रिपुष्कर योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में खरीदारी करने से शुभ फल मिलेगा। साथ ही शुभ काम में सिद्धि मिलेगी।
करण एवं नक्षत्र
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर कृत्तिका नक्षत्र का संयोग है। इसके साथ ही कौलव, तैतिल और गर करण के योग बन रहे हैं। ज्योतिष गर और कौलव करण को शुभ मानते हैं। ] इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। साथ ही साधक पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी।
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