तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली सहित देश के कई एयरपोर्ट पर चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित रही। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बृहस्पतिवार सुबह उस समय भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जब एयरलाइंस के परिचालन में इस्तेमाल होने वाला ग्लोबल रिजर्वेशन सिस्टम नैविटेयर अचानक ठप हो गया। इस तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली सहित देश के कई एयरपोर्ट पर चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित रही। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चार घंटे पहले एयरपोर्ट आने की दी सलाह
इस बीच इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और विस्तारा जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने अपने यात्रियों के लिए सोशल मीडिया पर सूचना जारी की। एयरलाइंस ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे अपनी उड़ान के समय से कम से कम तीन से चार घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचें।
प्रमुख एयरलाइंस का कामकाज प्रभावित
समस्या की शुरुआत सुबह पौने सात बजे से साढ़े सात बजे के बीच आई। इस दौरान सिस्टम पूरी तरह बंद रहा। इसके बाद कुछ देर सुधार हुआ, लेकिन करीब सवा आठ बजे करीब 20 मिनट के लिए दोबारा यह समस्या आ गई। इस दौरान इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। केवल एअर इंडिया इस संकट से अछूती रही क्योंकि वह इस सिस्टम का उपयोग नहीं करती है।
मैनुअल मोड पर चला काम, लगीं लंबी कतारें
सिस्टम डाउन होने के कारण डिजिटल चेक-इन, बोर्डिंग पास जारी करने और सामान की ट्रैकिंग का काम रुक गया। स्थिति को संभालने के लिए एयरलाइंस को \“\“मैनुअल चेक-इन\“\“ प्रक्रिया अपनानी पड़ी।व्यस्त समय होने के कारण टर्मिनल पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। चेक-इन काउंटरों पर प्रोसेसिंग धीमी होने से उड़ानों में देरी हुई। एयरपोर्ट सूत्रों का कहना है कि यह केवल भारत की समस्या नहीं थी, इस सिस्टम की खराबी का असर एशिया-पैसिफिक और यूरोप के कई हिस्सों में भी देखा गया।
यात्री हुए परेशान
यात्रियों को चेक-इन काउंटरों पर लंबी कतारों का सामना करना पड़ा। सिस्टम डाउन होने के कारण बोर्डिंग पास जारी करने में काफी देरी हुई। कई यात्री ऐसे थे जिन्हें दिल्ली से दूसरी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पकड़नी थी, देरी की वजह से उनकी अगली उड़ान छूट गई। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइंस और एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही।
नैविटेयर सिस्टम क्या है?
नैविटेयर एक क्लाउड-आधारित डिजिटल पैसेंजर सर्विस सिस्टम है, जिसे कई एयरलाइंस इस्तेमाल करती हैं। यह बुकिंग से लेकर एयरपोर्ट पर बैग टैगिंग और बोर्डिंग तक का सारा डेटा मैनेज करता है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस सिस्टम में आई अस्थायी खराबी की वजह से डेटा सिंक होना बंद हो गया था। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि ग्लोबल सिस्टम में खराबी के कारण यात्री प्रोसेसिंग की गति धीमी हो गई थी। हमने तुरंत बैकअप प्रक्रियाओं को सक्रिय किया ताकि उड़ानों में ज्यादा देरी न हो।
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