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क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बना दिया गया है। फोटो सौ: विभाग
डिजिटल डेस्क, समस्तीपुर। Power Supply Improvement: गर्मी के मौसम से पहले ताजपुर और मोरवा क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। 17 फरवरी 2026 को पहली बार 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेन्द्र ताजपुर से 33 केवी मोरवा फीडर को सफलतापूर्वक चार्ज कर दिया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बना दिया गया है।
अब तक मोरवा फीडर को समस्तीपुर ग्रिड उपकेन्द्र से विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। ताजपुर ग्रिड से सीधे चार्ज होने के बाद ट्रांसमिशन लाइन की दूरी करीब 30 किलोमीटर से घटकर मात्र 6 किलोमीटर रह गई है।
दूरी कम होने से लाइन लॉस में उल्लेखनीय कमी आएगी, वोल्टेज स्थिर रहेगा और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी लंबी ट्रांसमिशन लाइन में बिजली का नुकसान केवल दूरी पर निर्भर नहीं करता, बल्कि वोल्टेज लेवल, पावर फैक्टर और कंडक्टर की गुणवत्ता जैसे तकनीकी कारकों पर भी निर्भर करता है। सामान्य परिस्थितियों में 30 किलोमीटर लंबी लाइन में 2 से 5 प्रतिशत तक बिजली का नुकसान हो सकता है।
कम वोल्टेज वाली 11 केवी या 33 केवी लाइन में लंबी दूरी तय करने पर लाइन लॉस अधिक होता है, जबकि 132 केवी या उससे अधिक वोल्टेज पर यह नुकसान काफी कम हो जाता है। इसी तरह यदि पावर फैक्टर कम हो, तो करंट बढ़ने के कारण लाइन लॉस और अधिक हो जाता है।
ताजपुर ग्रिड से मोरवा फीडर के चार्ज होने से उच्च वोल्टेज के माध्यम से कम दूरी में बिजली आपूर्ति संभव हो गई है। इससे न केवल तकनीकी नुकसान घटेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को गर्मी के दिनों में लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से भी राहत मिलेगी। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम क्षेत्र में स्थायी और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। |
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