सर्जरी के दौरान लापरवाही (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। पथरी के ऑपरेशन के दौरान गंभीर लापरवाही बरतना एक डॉक्टर को महंगा पड़ गया। ऑपरेशन के बाद महिला के शरीर में धातु का उपकरण छूट जाने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने डॉक्टर को क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपये अदा करने का आदेश दिया है।
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की खंडपीठ अध्यक्ष विकास राय, सदस्य कुंदन सिंह चौहान और डॉ. निधि बारंगे ने की।
ऑपरेशन के बाद भी नहीं थमा दर्द
शिकायतकर्ता शांताबाई (पति मांगीलाल) को 17 मार्च 2015 को गॉल ब्लैडर में पथरी की शिकायत पर इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 18 मार्च को डॉ. विजय सोनी ने उनका ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के बाद भी शांताबाई को लगातार पेट दर्द बना रहा। जब दोबारा सोनोग्राफी और एक्स-रे कराया गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किया गया एक धातु उपकरण उनके शरीर में ही छूट गया था। इसके चलते उन्हें दोबारा उपचार कराना पड़ा और लंबे समय तक शारीरिक व मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।
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सेवा में गंभीर कमी करार
शांताबाई ने डॉक्टर के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आयोग ने माना कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर लापरवाही हुई है। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत सेवा में गंभीर कमी माना गया।
आयोग ने डॉ. विजय सोनी को निर्देश दिया कि वे शिकायतकर्ता को पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति दें।
मानसिक कष्ट और वाद व्यय भी शामिल
इसके अतिरिक्त डॉक्टर को मानसिक पीड़ा के लिए 50 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये भी अदा करने होंगे। आदेश की तिथि से 45 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा, अन्यथा नियमानुसार ब्याज भी देना पड़ेगा। |
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