कैप्शन: आरोपी फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, झज्जर। सिलानी गांव के निवासी और बीए द्वितीय वर्ष के छात्र यशु चाहर की हत्या के मामले में गठित एसआइटी की जांच में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपित इंद्रसेन ने यशु की हत्या करने से तीन दिन पहले ही आइएमटी रोहतक में पांच फुट गहरा गड्ढा खोद लिया था, जिससे स्पष्ट होता है कि यह हत्याकांड एक सोची-समझी साजिश का परिणाम था।
वारदात का क्रम: अपहरण से हत्या तक
अपहरण और नशा: आरोपित ने यशु का 29 दिसंबर को अपहरण किया और उसे चरखी दादरी के बिगोवा स्थित एक निजी स्कूल के कमरे में रखा। आरोपित ने यशु को भारी मात्रा में नशीली दवाएं दीं, जिससे वह सुध-बुध खो बैठा था।
हत्या: 5 जनवरी को आरोपित यशु को नशे की हालत में ही अपनी वैगनआर कार में डालकर रोहतक पीजीआई की पार्किंग में ले गया, जहां उसने यशु की हत्या कर दी।
शव को दफनाना: हत्या के बाद आरोपित ने शव को आइएमटी रोहतक में पहले से खोदे गए 5 फुट गहरे गड्ढे में दफना दिया
अपराधी की शातिर चालें
जांच में सामने आया कि आरोपित इतना शातिर था कि वह यशु के स्वजनों के घर जाकर उन्हें सांत्वना देने का नाटक भी करता रहा। यही नहीं, स्वजनों को गुमराह करने के लिए वह यशु के मोबाइल से मैसेज भी भेजता रहा। 18 जनवरी, 26 जनवरी और आखिरी बार 15 फरवरी को मैसेज भेजकर स्वजनों को यशु के जीवित होने का झांसा दिया गया।
एसआइटी की कार्रवाई और साक्ष्य संकलन
एसीपी प्रदीप नैन के नेतृत्व वाली एसआइटी आरोपित को बिगोवा के उस स्कूल में लेकर पहुंची, जहां पर यशु को बंधक बनाया गया था। पुलिस ने वहां सीन को रि-क्रिएट किया और आरोपित की निशानदेही पर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। बहरहाल, स्वजनों ने इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका भी जताई है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
यशु के पिता और बड़ा भाई दोनों भारतीय सेना में रहे हैं। यशु भी सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता था, लेकिन एक विश्वासघाती की साजिश ने एक होनहार युवा का भविष्य खत्म कर दिया। |
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