6.5 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट
जागरण संवाददाता, बक्सर। जिला मुख्यालय के गंगा तट को अब भव्य रिवर फ्रंट के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। अहिरौली के अहिल्या घाट से लेकर ठोरा नदी संगम स्थित जेल घाट तक करीब 6.5 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट बनाया जाएगा। परियोजना के तहत पक्के घाट, पाथवे, पीसीसी सड़क और कैफेटेरिया का निर्माण होगा। अब तक विकास कार्य मुख्य रूप से रामरेखा घाट और सती घाट तक सीमित थे।
नई योजना से सभी प्रमुख गंगा घाटों को एक समान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नगर विकास विभाग ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बुडको के माध्यम से तैयार होगी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
इस महत्वाकांक्षी योजना की जिम्मेदारी बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) को सौंपी गई है। बुडको द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
निविदा आमंत्रित की जा चुकी है और चयनित एजेंसी को तीन महीने में डीपीआर सौंपनी होगी। डीपीआर तैयार होने के बाद इसे विभागीय स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। सरकार की इस पहल को गंगा तट के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पक्के घाट और लंबा पाथवे बनेगा आकर्षण
प्रारंभिक योजना के अनुसार 1272 मीटर लंबाई में पक्के घाटों का निर्माण प्रस्तावित है। 6560 मीटर लंबा पाथवे तैयार किया जाएगा, जो पूरे नगर परिषद क्षेत्र के गंगा तट को जोड़ेगा।
इसके अलावा 732 मीटर लंबाई में पीसीसी सड़क भी बनाई जाएगी। चार अलग-अलग स्थानों पर आधुनिक कैफेटेरिया स्थापित किए जाएंगे।
इससे घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। गंगा किनारे सैर-सपाटे और धार्मिक गतिविधियों के लिए नया वातावरण तैयार होगा।
रामरेखा घाट पर भीड़ नियंत्रण में मिलेगी मदद
वर्तमान में अधिकतर श्रद्धालु रामरेखा घाट पर ही एकत्रित होते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। रास्ते सीमित होने के कारण यातायात और सुरक्षा व्यवस्था चुनौती बन जाती है।
रिवर फ्रंट बनने के बाद सभी घाट पाथवे से आपस में जुड़े रहेंगे। इससे श्रद्धालुओं का दबाव विभिन्न घाटों में विभाजित होगा। नगर प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। |
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