वन्दे भारत ट्रेन। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुंगेर (जमालपुर)। भारतीय रेल में वंदे भारत ट्रेन के 800 ट्रेन को चलाने एवं उनके रफ्तार को बरकरार रखने में जमालपुर इरिर्मी की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता उक्त बातें जमालपुर इरिर्मी के डीन प्रेम प्रकाश ने आईआईटी पटना में संपन्न हुए 20 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रशिक्षण को सकारात्मक दिशा देने में महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने जो पहल की है, वह भारतीय रेल में मिल का पत्थर साबित होगा।
डीन ने यह भी कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना (आईआईटी पटना) में वंदे भारत प्रोपल्शन सिस्टम और विद्युत सुरक्षा पर दो सप्ताह का उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ।
आईआईटी पटना के निदेशक प्रोफेसर टी. एन. सिंह ने वंदे भारत ट्रेनसेट के उच्च वोल्टेज विद्युत प्रणालियों और रखरखाव में सुरक्षा सावधानियों पर प्रशिक्षण के सफल समापन के लिए प्रमाण पत्र दिया। रेलवे अधिकारियों की विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए रेलवे ने आईआईटी पटना के साथ हाथ मिलाया है।
IRIMEE ने तय किया था सिलेबस
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए IRIMEE (इरिमी) जमालपुर ने पाठ्यक्रम तय किया था। कार्यक्रम मुख्य रूप से वंदे भारत ट्रेनसेट के नवीनतम विद्युत प्रोपल्शन सिस्टम पर केंद्रित था। कार्यक्रम में भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों से 18 अधिकारी और 7 पर्यवेक्षक सहित कुल 25 रेलवे अधिकारी शामिल थे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक यांत्रिक रखरखाव और आधुनिक वंदे भारत ट्रेन की नवीनतम विद्युत वास्तुकला के बीच की खाई को कम करना है। डीन प्रेम प्रकाश ने आगे कहा प्रशिक्षण कार्यक्रम एकीकृत रणनीतिक सहयोग के साथ उन्नत प्रोपल्शन तकनीक पर जोर देता है।
800 वंदे भारत चलाने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम रेलवे मंत्रालय को 2030 तक देश भर में 800 वंदे भारत ट्रेन चलाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेंगे। प्रशिक्षण आधुनिक वंदे भारत ट्रेन के साथ काम करने का अनुभव रखने वाले भारतीय रेलवे के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के लिए डिज़ाइन किया गया था।
आईआईटी पटना के निदेशक ने कहा कि यह कार्यक्रम हमारे लिए पूरी तरह से नया है। 12 दिनों की कार्यशाला के लिए कुल 50 वक्ता व्याख्यान देने में शामिल थे। यह कार्यशाला वंदे भारत ट्रेन के रखरखाव के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य के नवाचार के लिए भी उपयोगी होगी।
तकनीकी ज्ञान के अलावा, आईआईटी पटना के संकाय ने ध्यान, तनाव प्रबंधन, योग और सूर्य नमस्कार की कक्षाएं भी लीं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी रेलवे अधिकारी बहुत संतुष्ट थे और आईआईटी पटना द्वारा प्रदान की गई प्रशिक्षण कौशल और सुविधाओं की सराहना की।
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