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दरिंदगी की सारी हदें पार: ओडिशा के प्राइवेट स्कूल में 12 साल की मासूम के साथ गैंगरेप, चार शिक्षक समेत 5 गिरफ्तार

deltin33 1 hour(s) ago views 353
  

प्रतीकात्मक तस्वीर



जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा के केंद्रापाड़ा जिले में शिक्षा के नाम पर हुए एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाले कांड ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। राजकनिका ब्लॉक के एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में सातवीं कक्षा की 12 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ पिछले दो महीनों से सामूहिक यौन शोषण का आरोप लगा है। इस घिनौने अपराध में स्कूल के चार शिक्षक और एक चपरासी शामिल पाए गए हैं। पुलिस ने सभी पांचों को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपियों में शामिल महिला शिक्षिका भी

पट्टामुंडई के एसडीपीओ सुकांत कुमार पात्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में विश्वरंजन साहू, रश्मीकांत बिस्वाल, चंदन प्रूष्टि (सभी शिक्षक), मिनती बाई (महिला शिक्षिका) और रश्मी राणा (चपरासी) शामिल हैं। महिला शिक्षिका पर अपराध में सहयोग और अपराध छिपाने का आरोप है।

स्कूल परिसर में ही होती थी दरिंदगी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि तीन शिक्षकों और चपरासी ने स्कूल के अंदर ही बार-बार इस नाबालिग बच्ची का यौन उत्पीड़न किया। न सिर्फ इतना, बल्कि उसे और उसके छोटे भाई को जान से मारने की धमकियां देकर किसी से कुछ न बताने के लिए मजबूर किया जाता था। पीड़िता डर के साए में जी रही थी और चुप्पी साधे हुए थी।

पिता के लौटने पर खुला राज

घटना तब सामने आई जब पीड़िता के पिता राज्य से बाहर मजदूरी करके हाल ही में घर लौटे। बेटी ने रोते-रोते पिता को पूरी घटना सुना दी। पिता ने तुरंत राज्य बाल हेल्पलाइन को सूचना दी। इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को जानकारी पहुंचाई गई। सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष स्वगतिका परिडा के नेतृत्व में टीम ने पीड़िता के घर पहुंचकर जांच की और मामले की गहराई समझी।

शनिवार को थाने में दर्ज हुई एफआईआर

सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर पीड़िता के पिता ने शनिवार को राजकनिका थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। राजकनिका थाने के आईआईसी संजय कुमार मल्लिक ने पुष्टि की कि सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पीड़िता का बयान और आगे की कार्रवाई

पीड़िता का बयान बीएनएसएस की धारा 180 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया जाएगा। बच्ची और आरोपियों को एडीएसजी-सह-विशेष पॉक्सो न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही, बच्ची को सुरक्षा, सहायता और मनोवैज्ञानिक मदद के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष भी पेश किया जाएगा।

यह मामला न केवल शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस जांच जारी है और मामले में और खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है।
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