खरीदने के 2 साल बाद बेचा सोना तो क्या देना होगा टैक्स? सरकारी नियम पढ़कर अभी दूर कर लें कन्फ्यूजन
नई दिल्ली। Gold Tax Rule: भारत में गोल्ड का क्रेज हमेशा से रहा है। इसका इस्तेमाल दुनिया में अलग-अलग चीजों के लिए होता है। लेकिन भारत में गोल्ड का इस्तेमाल अधिकतर गहनों के लिए होता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा गोल्ड रिर्जव भारतीय महिलाओं के पास है। यह गोल्ड ज्वेलरी के रूप में है।
एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय महिलाओं के पास लगभग 24,000–34,000 टन सोना है, जो दुनिया के कुल सोने का लगभग 11% से 16% है। इन सबके के बीच आज हम आपको यह बताएंगे कि सोना खरीदने के कितने साल बाद बेचने पर आपको सरकार को कितना टैक्स (Sona Bechne Par Kitna Tax) देना होता है? आइए जानते हैं।
अगर आपने सोना बेचा तो कितना टैक्स लगेगा?
अगर आपके सोना है (चाहे ज्वेलरी हो, सिक्के हों या बिस्किट/बार) और उसे आप बेचना चाहते हैं तो उससे होने वाला मुनाफा कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) माना जाता है। इस पर टैक्स (Gold Tax) लगता है। टैक्स कितना लगेगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने सोना कितने समय तक रखा था।
अगर सोना 24 महीने से ज्यादा (2 साल से अधिक) आपके पास रहा तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहते हैं। इस स्थिति में प्रॉफिट में से 12.5% टैक्स (Long Term Tax on Gold) लगता है।
वहीं, अगर सोना 24 महीने से कम समय तक रखा है तो इसे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (Short Term Gold Tax) कहते हैं। यह मुनाफा आपकी कुल आय में जोड़ दिया जाता है और आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है (जैसे 5%, 20%, 30% आदि)।
विरासत में मिलने वाले सोना पर कितना टैक्स?
अगर सोना आपको वसीयत (Will) से या किसी और तरीके से इनहेरिट (विरासत में) मिला है, तो पिछले मालिक (जैसे माता-पिता) के पास जितने समय तक सोना रहा था, वह समय भी आपकी होल्डिंग पीरियड में जोड़ दिया जाता है।
अगर इसे उदाहरण समझें तो जैसे अगर आपकी मां के पास 10 साल तक सोना था और आपको मिलने के बाद 1 साल रखा, तो कुल होल्डिंग 11 साल मानी जाएगी और इस हिसाब से उस पर लॉन्ग टर्म गेन (12.5% टैक्स) टैक्स लगेगा।
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