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प्रयागराज अधिवक्ता को साइबर अपराधियों ने ठग लिया।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। साइबर अपराधियों ने अब एक अधिवक्ता को डिजिटल अरेस्ट करके आनलाइन चार लाख रुपये की ठगी की। साइबर अपराधी ने खुद को सीबीआइ का डायरेक्टर बताकर काल किया और फिर मनी लांड्रिंग के फर्जी मुकदमे में कार्रवाई कर डर दिखाते हुए ठग लिए। पीड़ित अधिवक्ता कृष्ण कुमार मालवीय ने अतरसुइया थाने में सुनील कुमार गौतम नामक व्यक्ति के खिलाफ आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस खाता नंबर के आधार पर साइबर अपराधी का पता लगा रही है। इससे पहले भी कई लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके ठगी की घटना हो चुकी है।
अतरसुइया के रहने वाले हैं अधिवक्ता
अतरसुइया थाना क्षेत्र के बरगद घाट, मीरापुर में रहने वाले कृष्ण कुमार मालवीय वरिष्ठ नागरिक और अधिवक्ता हैं। बीते माह उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आई। कालर ने खुद को सीबीआइ का डायरेक्टर बताया और कहा कि उनके खाते से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ट्रांसफर हुआ है। उसके संबंध में मनी लांड्रिंग का मुकदमा है।
काल आने पर जाल में फंस गए
इसके बाद वाट्सएप पर वीडियो काल करने वाले ने अपना नाम सुनील कुमार गाैतम और दिल्ली पुलिस का आइपीएस बताया। उसने अधिवक्ता को मनी लांड्रिंग के मुकदमे में गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए मानसिक दबाव बनाया। धमकाते हुए कहा कि अपनी एफडी तोड़कर फेडरल बैंक भैरवपुर ब्रांच में ट्रांसफर कर दीजिए। जांच के बाद वह पैसा वापस कर दिया जाएगा।
पैसा आनलाइन कर दिया ट्रांसफर
जाल में फंसे अधिवक्ता ने आनलाइन पैसा ट्रांसफर कर दिया, लेकिन वापस नहीं मिला। उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इससे परेशान अधिवक्ता ने अतरसुइया थाना में शिकायत दी। प्रभारी निरीक्षक अतरसुइया राममूर्ति यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
सिम बंद होने का झांसा देकर महिला से ठगी
साइबर अपराधियों ने मोबाइल सिम बंद होने का झांसा देकर फाफामऊ निवासी रश्मि चौरसिया से 99 हजार रुपये ठग लिए। रश्मि ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल से काल किया, लेकिन कनेक्ट नहीं हुई। थोड़ी देर बाद दूसरे नंबर से फोन आया और कहा कि सिम बंद होने वाला है। इसके लिए 199 नंबर पर काल किया तो पति का नाम सहित अन्य जानकारी ली गई। इसके बाद खाते से आनलाइन 99 हजार रुपये उड़ा दिए गए। पीड़िता ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
रिश्तेदार बनकर सिपाही को ठगा
साइबर अपराधियों ने रिश्तेदार बनकर सिपाही आकाश सिंह से 15 हजार रुपये की आनलाइन ठगी की। एनसीसी गार्द में ड्यूटी करने वाले सिपाही आकाश ने बताया कि उसके वाट्सएप पर एक आडियो काल आया, जिसने खुद को रिश्तेदार बताया। उसकी आवाज परिचित लगी तो झांसे में फंसाकर दो बार में 15 हजार रुपये ठग लिए। जब रिश्तेदार से फोन पर बात हुई तो सच्चाई का पता चला। इसके बाद आकाश ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
आप इन महत्वपूर्ण बातों को जानें और सतर्क रहें
- सीबीआइ, ईडी, पुलिस डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है।
- एजेंसी फोन या वीडियो काल पर पैसे नहीं मांगती है।
- भारत में डिजिटल गिरफ्तारी का कोई कानून नहीं है।
- अधिकारी बनकर काल करने वालों की शिकायत करें।
- साइबर ठगी होने पर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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