केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह। (फाइल फोटो)
अमरेंद्र कांत, किशनगंज। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगमन को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। 26 फरवरी को उनके किशनगंज आने की संभावना है।
गृहमंत्री ब्राइवेट विलेज योजना (प्रगतिशील ग्राम योजना) के तहत बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा के साथ इंडो-नेपाल बॉर्डर के गांवों के निरीक्षण भी कर सकते हैं।
जिला प्रशासन द्वारा नेपाल बार्डर से सटे 22 गांव को चिह्नित कर इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है। जबकि विदेशी घुसपैठ को लेकर भी खुफिया विभाग, पुलिस, सेना, आईबी के साथ साझा रणीनीति बनाने के दिशा में भी पहल हो रही है।
गृहमंत्री के संभावित आगमन को लेकर भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय वित्तपोषित वाइब्रेंट विलेज योजना में होने वाले विकास कार्याें की एक विस्तृत रणनीति बनाई गई है।
संभावित दौरे को लेकर पूर्णिया के आईजी विवेकानंद व पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने भारत-नेपाल के बॉर्डर इलाके का जायजा भी लिया है। जबकि चयनित गांव की स्थिति की भी समीक्षा की है।
बॉर्डर इलाके में युवाओं के भटकाव को रोकेगी सरकार
बॉर्डर से सटे गांवों में युवाओं को सही राह दिखाने व विकास के लिए भारत सरकार द्वारा इस योजना की शुरूआत की है। इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को विकसित करना और वहां के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार किया जाना है।
प्रशासन द्वारा इन गांव में सड़क संपर्क, दूरसंचार कनेक्टिविटी, के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का विकास, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर और उनकी आय में वृद्धि करने के साथ सीमावर्ती गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय संस्कृति को संरक्षित किया जाएगा।
इसके अलावा युवाओं के भटकाव को रोकने के लिए विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिससे प्रशिक्षित होकर युवा स्वरोजगार से जुड़ सके और अपने आमदनी को बढ़ा सके।
डीएम विशाल राज ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा कर विस्तृत कार्ययोजना मांगी थी। सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गये प्रस्ताव के आलोक में एक समेकित विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है।
बॉर्डर इलाके के इन गांवों में होगा कार्य
बॉर्डर इलाके से सटे ठाकुरगंज प्रखंड के छह, टेढ़गाछ के सात व दिघलबैंक के नौ गांव का चयन किया गया है। इसमें ठाकुरगंज प्रखंड के भेंदराही, ग्वालटोली, चुरली, सुखानीख् भातगांव व झुलझुली शामिल है।
इसी प्रकार टेढ़ागाछ के राहपुर, झाला, पिपरा, बरिया, चिचौरा, कंचनबाड़ी, झुलनबाड़ी के अलावा दिघलबैंक प्रखंड के टप्पू, बैजनाथ पलसा, मलटोली, लोहागड़ा, पाचगछी, डोरिया, सिंघीमारी, तुलसिया और धनतोला शामिल है।
इन गांवों को वर्ष 2028-29 तक बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा पहले चरण में बिहार के सात जिलों के साथ देशभर के 662 गांवों का चयन किया गया है। जबकि आने वाले समय में 2967 गांव में यह योजना चलाई जाएगी।
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उत्कृष्ट या प्रगतिशील ग्राम योजना के तहत टेढ़ागाछ, ठाकुरगंज व दिघलबैंक के 22 गांव को शामिल किया गया है। जिसकी विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है। इन गांव में जीविका निर्माण, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित बुनियादी ढांचा, बिजली, युवाओं का सशक्तिकरण और कौशल विकास, सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों का विकास समेत अन्य कार्य कराए जाएंगे। अभी गृहमंत्री के आने की सिर्फ संभावना है। जिसकी तैयारी की जा रही है। विस्तृत कार्यक्रम नहीं आया है। -
विशाल राज, डीएम |