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प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत! हापुड़ में पत्नी का शव दफनाने के लिए दर-दर भटका पति, पुलिस ने कराया सुपुर्द-ए-खाक

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पुलिस की मौजूदगी में शव को दफनाया गया। जागरण



जागरण संवाददाता, हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। चार साल पहले परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम निकाह करने वाले दंपति की कहानी का अंत इतना दर्दनाक होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।

बीमारी से पत्नी की मौत के बाद पति को उसके शव को दफनाने के लिए दो-दो गांवों के चक्कर लगाने पड़े। सामाजिक नाराजगी इतनी गहरी थी कि अंतिम विदाई तक आसान नहीं हो सकी।
चार साल पहले किया था प्रेम निकाह

मामला धौलाना थाना क्षेत्र के नंदपुर गांव का है। जानकारी के अनुसार शाहनवाज ने चार वर्ष पूर्व परिवार की मर्जी के बिना मुस्कान से प्रेम निकाह किया था।

बताया जा रहा है कि मुस्कान पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। पत्नी की मौत से टूट चुके शाहनवाज के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती थी उसे सुपुर्द-ए-खाक करना।
कब्रिस्तान में कब्र खोदते ही शुरू हुआ विवाद

जब शाहनवाज पत्नी के शव को लेकर गांव के कब्रिस्तान पहुंचा और कब्र खोदनी शुरू की, तभी कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जता दी। आरोप है कि प्रेम विवाह को लेकर पहले से नाराज लोग दफनाने की अनुमति देने को तैयार नहीं थे।

  

देखते ही देखते माहौल गरमा गया। बहस, तकरार और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पति बेबस खड़ा रहा, और पत्नी का शव इंतजार करता रहा अंतिम विदाई का।
मायके पक्ष ने भी नहीं दी इजाजत

हालात बिगड़ते देख शाहनवाज पत्नी के पैतृक गांव पहुंचा, लेकिन वहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी। मृतका के परिजनों ने भी शव को दफनाने से इंकार कर दिया।

चार साल पहले लिया गया प्रेम का फैसला इस दुखद घड़ी में भी रिश्तों की दीवारें नहीं तोड़ सका। पति शव को लेकर इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन कहीं सहमति नहीं बन सकी।
पुलिस की एंट्री, फिर हुआ दफन

मामले की सूचना मिलते ही धौलाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत की और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सख्ती दिखाई।

  

काफी समझाइश और प्रयासों के बाद पुलिस की मौजूदगी में आखिरकार कब्रिस्तान में मुस्कान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके बाद क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव न फैले।
पिलखुवा सीओ का बयान

पूरे घटनाक्रम पर अनीता चौहान (सीओ पिलखुवा) ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने बताया, “दोनों पक्षों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है।

शव का दफन शांतिपूर्वक पुलिस की मौजूदगी में कराया गया है। क्षेत्र में अब स्थिति सामान्य है।”सीओ ने यह भी कहा कि अगर किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कई सवाल छोड़ गया मामला

यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़े उन सवालों की कहानी है, जिनमें प्रेम, परंपरा और प्रतिष्ठा आपस में टकरा जाते हैं।

क्या प्रेम विवाह करने वालों को जीवन भर सामाजिक विरोध झेलना पड़ेगा?क्या मृत्यु के बाद भी रिश्तों की कड़वाहट खत्म नहीं हो पाती?क्या ऐसे मामलों में सामाजिक संवाद की जरूरत नहीं है?फिलहाल पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन यह घटना पूरे हापुड़ में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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