कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) से पता लगाया जा रहा किसके संपर्क में थे। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शिक्षक के पास से बरामद सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पत्र वास्तव में उन्हीं ने लिखा था या नहीं। इसके साथ ही पुलिस मृतक के मोबाइल की काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) भी खंगाल रही है,ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी दिनों में उनका किन लोगों से संपर्क था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कृष्ण मोहन सिंह के घर से चार पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसमें उन्होंने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह और अन्य पर गंभीर आरोप लगाए थे। हैंडराइटिंग की फोरेंसिक जांच कराने का मकसद यह पुष्टि करना है कि नोट वास्तव में कृष्ण मोहन ने ही लिखा था।
फोरेंसिक टीम ने नोट के सैंपल ले लिए हैं और उनकी तुलना उनके पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों से की जाएगी। मोबाइल फोन की काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) खंगालना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने किन लोगों से बात की, कितनी देर बात की और कहां-कहां की लोकेशन रही, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर शिक्षक आत्महत्या मामला: परिवार ने की CBI जांच की मांग, अधिकारियों पर संरक्षण का आरोप
खासतौर पर उन दिनों की काल डिटेल पर फोकस किया जा रहा है जब वह बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे और जब उनसे रुपये मांगे गए थे। सूत्रों का कहना है कि सीडीआर से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आरोपी बाबू संजीव सिंह और उनके बीच कितनी बार बात हुई। पुलिस पत्नी गुड़िया सिंह के अलावा सुसाइड नोट में जिन शिक्षकों व अधिकारियों का नाम दर्ज है गुलरिहा थाना पुलिस उनका भी बयान दर्ज करेगी।
मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद और सीडीआर के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -
- अभिनव त्यागी,एसपी सिटी |
|