Muzaffarpur Land Dispute: साक्ष्य उपलब्ध न कराए जाने के कारण म्यूटेशन का आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Math Land Purchase Case: बोचहां के पूर्व राजद विधायक अमर पासवान द्वारा श्रीरामजानकी मठ की जमीन खरीदे जाने के मामले में प्रशासनिक जांच पूरी कर ली गई है।
अपर समाहर्ता कुमार प्रशांत ने इस संबंध में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन को रिपोर्ट सौंप दी है। साक्ष्य उपलब्ध न कराए जाने के कारण पूर्व विधायक का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया है।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में अमर पासवान ने मुशहरी अंचल के फतेहरपुर मौजा स्थित श्रीरामजानकी मठ की 12 डिसमिल (करीब तीन कट्ठा) जमीन 45 लाख रुपये में खरीदी थी। यह जमीन मठ के सेवइत विश्वनाथ मिश्रा के नाम से दर्ज बताई गई थी और अमरनाथ मिश्रा उर्फ तारकेश्वर मिश्रा से खरीद की गई।
आपत्ति के बाद साक्ष्य मांगे गए
जमीन के दाखिल-खारिज के लिए मुशहरी अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया था, लेकिन इस पर आपत्ति दर्ज हुई कि भूमि मठ की संपत्ति है और सेवइत के नाम दर्ज है। आपत्ति निस्तारण के लिए आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया, जो उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके चलते अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला ने दाखिल-खारिज आवेदन को अस्वीकृत कर दिया।
पूर्व विधायक अमर पासवान ने इस मामले में अपने साथ धोखा होने की बात कही थी और आरोप लगाया था कि राशि लेकर गलत जमीन बेची गई।
लेन-देन पर बढ़ी निगरानी
उक्त जमीन के दाखिल-खारिज को लेकर एक और आवेदन मुशहरी अंचल कार्यालय में आया था, जिसे इस बार आवेदनकर्ता को वापस कर दिया गया। प्रशासनिक स्तर पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि मठ की जमीन की खरीद-बिक्री का प्रयास किया जा रहा है, जिस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मठ अथवा धार्मिक संस्थानों की भूमि से जुड़े मामलों में वैध साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी भी प्रकार का दाखिल-खारिज स्वीकार नहीं किया जाएगा। |