उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य -समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच शब्दों के जोरदार बाण चलते रहते है। दोनों के विधान भवन के साथ ही बाहर भी शब्दों की नोंकझोंक खूब चलती है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रविवार देर रात जर्मनी के लिए रवाना हुए हैं।
ताजा प्रकरण अखिलेश यादव के केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के ऑफर का है। अखिलेश यादव के इस ऑफर पर केशव प्रसाद मौर्य ने जोरदार पलटवार किया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी में भाजपा से तो कोई आने वाला नहीं है, अखिलेश यादव अपने विधायकों को बचा लें तो बड़ी बात होगी। यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर पलटवार काफी चर्चा में है। केशव प्रसाद मौर्य का दावा है कि 2047 तक समाजवादी पार्टी सत्ता से बाहर रहेगी।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि सपा की नैया डूब रही है। उसका भविष्य अंधकारमय है। सपा 2027 ही नहीं, 2047 तक सत्ता वियोग में रहेगी । उन्होंने कहा कि सपा बहादुर अखिलेश का बयान हताशा का परिचायक है।
इससे पहले उपमुख्य मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा था कि गुंडई की राजनीति की विरासत का दौर लंबा नहीं चला करता और अगली पीढ़ी में फिचकुर फेंकने लगता है। तब अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर कार्रवाई के प्रकरण में घेरा था।
सौ-सौ विधायक लाओ, सीएम बन जाओ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनुपस्थिति में अखिलेश यादव ने रविवार को दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को लुभावना ऑफर दिया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को कहा था कि जिन दो लोगों को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का मन है, वह सौ विधायक लाकर मुख्यमंत्री बन जाएं। यह उन लोगों के लिए एक हफ्ते का ऑफर है। |