सोनभद्र में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ी, फसलों को भारी नुकसान।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। मौसम ने सोमवार दोपहर बाद जिले में अचानक करवट ली, जिससे किसानों में चिंता का माहौल उत्पन्न हो गया। म्योरपुर विकास खंड के ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर चार बजे तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई। धूल भरी आंधी के बाद शुरू हुई वर्षा ने कई घंटों तक किसानों को परेशान किया। म्योरपुर, रास पहरी, खैराही, किरवानी, कुसम्हा, गोविंदपुर, गंभीरपुर, कुंडाडीह, बलियरी, नवाटोला, फाटपखना जैसे गांवों में हुई वर्षा और ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुँचाया है।
किसानों का कहना है कि गेहूं के अलावा अन्य फसलों के लिए यह वर्षा हानिकारक साबित हुई है। राम लाल, शिव रतन, पवन, अम्बेलाल और राम किसुन जैसे किसानों ने बताया कि आम के साथ ही महुआ और जामुन आदि के बौर और फूल रही अरहर व सरसों को गंभीर क्षति हुई है। इसके साथ ही, वर्षा के कारण ठंड बढ़ने की भी चिंता व्यक्त की गई है।
दूसरी ओर बीना क्षेत्र में भी काले बादल छाए और तेज आंधी के साथ मूसलधार बारिश और ओले पड़े। ओलावृष्टि ने आम और महुआ के बौर को नुकसान पहुँचाया। बांसी सब स्टेशन से कोटा सब स्टेशन जा रही 33/11 केवी लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
शक्तिनगर परिक्षेत्र में मौसम ने अचानक मिजाज बदला। करीब 20 से 25 मिनट तक चली तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। तेज हवा के झोंकों से सड़कों पर धूल का गुबार छा गया और कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं। बाजार क्षेत्र और मुख्य मार्गों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करना पड़ा।
अचानक बदले मौसम के कारण दोपहिया वाहन चालकों को बीच रास्ते में रुकना पड़ा, जबकि खुले में खड़े वाहन भीग गए। कुछ स्थानों पर अस्थायी ढांचे और टीनशेड हवा के दबाव से क्षतिग्रस्त हुए। बारिश के चलते सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे आवागमन की रफ्तार धीमी पड़ गई।
मौसम सामान्य होने के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन ने किसानों के लिए चिंता का विषय बना दिया है, और उन्हें अपनी फसलों के नुकसान की आशंका है।सोनभद्र में मौसम के अचानक बदलाव ने न केवल किसानों को प्रभावित किया है, बल्कि जनजीवन को भी कठिनाइयों में डाल दिया है। |