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नोएडा एयरपोर्ट शुरू होने से पहले बड़ा सवाल, क्या केमिकल हैजार्ड की स्थिति में हालात संभाल पाएगा स्वास्थ्य विभाग?

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नोएडा एयरपोर्ट में केमिकल हैजार्ड की स्थिति में तैयार नहीं है स्वास्थ्य विभाग। फोटो: आर्काइव



सुमित शिशोदिया, नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने से पहले स्वास्थ्य विभाग की अधूरी व्यवस्थाओं ने शासन में अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अधिकारियों ने एयरपोर्ट के पास केमिकल हैजार्ड में झुलसे मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए प्राइवेट तैयारियाें को मजबूत कर लिया है।

विशेष बात है कि इन दोनाें अस्पतालों की हाईटेक व्यवस्थाओं की तर्ज पर सरकारी ढांचे को तैयार किया जाएगा। विभाग की ओर से जल्द ही महत्वपूर्ण संसाधन, वरिष्ठ चिकित्स, विशेषज्ञाें समेत सुविधा एवं व्यवस्थाओं के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।

वहीं, ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (जिम्स) के नजदीक जनपद का दूसरा पोस्टमार्टम हाउस बनाने की कवायद तेज कर दी है। काॅलेज के अधिकारियों संग बैठक भी हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नोएडा एयरपोर्ट के पास यदि कभी भी कैमिकल हैजार्ड की घटना होती है, तो उससे निपटने के लिए संसाधन और व्यवस्थाएं होने चाहिए, लेकिन जब अधिकारियों ने लचर व्यवस्थाओं को देखा तो उनके होश फाख्ता हो गए।

जेवर स्थित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहले ही \“बीमार\“ है। यही नहीं, निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर भी जमीनी विवाद के चलते बंद पड़ा है। सूत्रों ने बताया कि कैमिकल हैजार्ड में स्वास्थ्य विभाग को जाे महत्वपूर्ण संसाधन और विशेषज्ञों की जरूरत है। वे आज तक जनपद को नहीं मिले या उन पर काम करने की जिम्मेदार अधिकारियों ने जहमत नहीं की।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को केमिकल हैजार्ड से निपटने के लिए केवल दो अस्पतालों में हाईटेक व्यवस्था मिली है। इनमें एक शारदा मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल का शारदा केयर व परी चौक स्थित यथार्थ अस्पताल हैं। डिप्टी सीएमओ डाॅ. चंदन सोनी बताते हैं कि दोनों अस्पताल में केमिकल हैजार्ड के मरीजों का इलाज करने की व्यवस्था है।
झुलसे या घायल मरीज के लिए यह व्यवस्था जरूरी

  • संक्रमण मुक्त के लिए विशेष कमरा
  • पांच बेड अधिक का आइसोलेशन वार्ड
  • विशेषज्ञ चिकित्सक- प्लास्टिक सर्जन, फिजिशियन, जनरल सर्जन
  • केमिकल प्रयोशाला
  • फाेरेंसिक प्रयोगशाला
  • एयरपोर्ट से 15-20 किमी के दायरे में ट्रामा सेंटर जरूरी
  • अस्पतालों में केमिकल का एंटीडोट होना जरूरी
  • केमिकल से झुलसे या घायल मरीज का एक घंटे में इलाज सबसे अहम

भारतीय सेना के साथ भी वार्ता शुरू

सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एयरपोर्ट पर केमिकल हैजार्ड की स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना की भी मदद लेगी। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो सूरजपुर स्थित भारतीय सेना के रेफरल चिकित्सालय में भी व्यवस्थाओं की स्थिति जानने के लिए जल्द ही बैठक होगी।

यहां अस्पताल में सेना की विभिन्न टुकड़ियों के लिए इलाज की सुविधा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के पास चिकित्सालय की फाइल भी पहुंच गई। डिप्टी सीएमओ डाॅ. चंदन सोनी के मुताबिक, यथार्थ और शारदा केयर की सुविधाओं पर अन्य स्थानों पर भी व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके लिए शासन के अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें- चाइल्ड पीजीआई नोएडा में शुरू की गई पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया की पढ़ाई, उत्तर प्रदेश का पहला संस्थान बना    
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