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गोरखपुर में बेलगाम डंपरों का कहर जारी, हादसों पर नहीं तय हो रही जवाबदेही

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डंपर से होने वाली घटनाओं में अज्ञात चालकों पर ही दर्ज होता है मुकदमा। जागरण  



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दोस्त की शादी में शामिल होने गए जितेंद्र कुमार को अंदाजा नहीं था कि खुशियों का यह मौका उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा। 20 फरवरी को कैंपियरगंज थाना के गायघाट में तेज रफ्तार डंपर ने उसे कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

बरात शहर के राजघाट थाना के नरसिंहपुर से गई थी। जयमाल के दौरान जितेंद्र ने जमकर नृत्य किया। इसके बाद वह बंधे की ओर गया। तभी तेज रफ्तार डंपर ने उसे चपेट में ले लिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा किया।

पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराते हुए अज्ञात चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता पूरी हो गई लेकिन न तो किसी की जवाबदेही तय हुई न ही डंपर की रफ्तार ही कम हुई।

चिलुआताल, खोराबार, गगहा, गीडा, राजघाट, पीपीगंज समेत अन्य क्षेत्रों में खनन व मिट्टी लदे वाहनों से दर्जनों लोग जान गंवा चुके हैं, लेकिन रफ्तार पर लगाम नहीं लग पाई है। इसके उलट, जब अधिकारियों के साथ इस तरह की घटनाएं होती है तो जबाबदेही भी तय होती और आरोपित भी पकड़े जाते है।

उदाहरण के रूप में 13 जनवरी की रात गोला थाना क्षेत्र में नायब तहसीलदार रमाकांत चौहान और होमगार्ड को डंपर से कुचलने के प्रयास के मामले में त्वरित कार्रवाई हुई।  

गोरखपुर महोत्सव से लौटते समय तहसीलदार सत्येंद्र मौर्य ने रानीपुर के पास मिट्टी लदे डंपर को रोककर कागजात मांगे। नहीं होने पर कार्रवाई करते हुए होमगार्ड को डंपर ले जाकर खड़ा करने को कहा। लेकिन, रास्ते में मनबढ़ चालक ने होमगार्ड को जान से मारने की धमकी दी और गाड़ी से उतार दिया।

इसी बीच चालक ने मिट्टी पलट दी और सामने से आ रहे रहे नायब तहसीलदार और होमगार्ड पर चढ़ाने की कोशिश की। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ और पुलिस ने चालक को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा।  

डंपर की चपेट में जान गवां चुके लोगों स्वजन कहते है कि यही मामला जब आमजन के साथ होता है तो अक्सर अज्ञात चालक के विरुद्ध केस दर्ज कर फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं, जिससे जवाबदेही तय नहीं हो पाती।

इन लोगों की भी जा चुकी है जान
सिकरीगंज में मिट्टी लेकर जा रहे वाहन की चपेट में ढकवा बाजार निवासी मानस की, बरला निवासी दुर्ग विजय, बभनपुरा निवासी चंचलेश, जंगल कौड़िया के जंगल रायपुर गांव के सामने, भंडारों में, जगत बेला से जमुआड के बीच युवक, अधेड़ और बुजुर्ग की जान जा चुकी है। इसके अलावा डंपर की ठोकर से नौ लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके है।

कुछ दिन पहले रामपुर पुल पर टहलते समय दो बच्चियों को डंपर ने ठोकर मार दिया था, जिसमें उनका पैर टूट गया था। इसी क्रम में कैंपियरगंज क्षेत्र में ठाकुरनगर के मल्हपुरवा निवासी एक महिला को मारचाहे कुट्टी के पास डंपर ने कुचल दिया था, मौके पर मौत होने के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था।

जसवल चौराहे पर एक युवक को डंपर ने ठोकर मार दी थी। इसे लेकर ग्रामीणों ने जसवल मुख्य मार्ग जाम किया था। अन्य लोगों की मौत और घायल होने पर हंगामा हो चुका है। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में हर दूसरे दिन डंपर की चपेट में आकर गाेवंशीय पशुओं की मौत होती है, जिसे खनन माफिया अपने स्तर से मैनेज कर लेते हैं।

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मुख्यमंत्री से शिकायत होते ही जांच करने पहुंचा था अमला
पीपीगंज के जसवल मार्ग पर सुबह के समय डंपर ने साइकिल सवार एक युवक को ठोकर मार दी थी। इसे लेकर ग्रामीणों ने मुख्य चौराहा जाम करते हुए बाजार बंद कर दिया था।

पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित लोग डंपर की रफ्तार कम करने और चालक पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। घंटो मान मनौव्वल के बाद किसी तरह से मामला समाप्त हुआ। अगले दिन ग्रामीण व व्यापारियों द्वारा डंपरों की तेज रफ्तार और अवैध खनन की शिकायत मुख्यमंत्री से कर दी।

इसके बाद खनन विभाग, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की तो खनन माफिया वहां से फरार हो गए।   
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