जागरण संवाददाता, भभुआ। जिला मुख्यालय में स्थित समाहरणालय के पीछे कृषि विभाग की भूमि में 18 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से अटल कला केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। यह तीन सौ फिट लंबा व दो सौ फीट चौड़ा होगा। इसका कार्य लगभग एक वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
अटल कला केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस आडिटोरियम के रूप में तैयार किया जा रहा है। जिसमें एक साथ करीब 620 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही पार्किंग रोड ग्रीन एरिया भी तैयार किया जाएगा।
जिले में लंबे समय से ऐसे बड़े और सुसज्जित मंच की कमी महसूस की जा रही थी। जहां सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सरकारी कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से आयोजित किए जा सके। नए भवन के निर्माण से यह कमी दूर हो सकेगी।
अब तक जिले में होने वाले अधिकांश कार्यक्रम लिच्छवी भवन में आयोजित होते रहे हैं। हालांकि वहां सीमित बैठने की व्यवस्था और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की कमी के कारण कई आयोजनों में दिक्कतें सामने आती थीं।
दर्शकों को खड़े होकर कार्यक्रम देखने पड़ते थे और बड़े आयोजन सीमित रूप में ही हो पाते थे। अटल कला केंद्र बनने के बाद इन समस्याओं का समाधान होगा और कार्यक्रम अधिक व्यवस्थित ढंग से आयोजित किए जा सकेंगे।
भवन का डिजाइन आधुनिक मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मंच को बड़ा और बहुद्देशीय बनाया जाएगा ताकि नाटक, संगीत, नृत्य, सेमिनार, सम्मेलन और सम्मान समारोह जैसे विभिन्न कार्यक्रम आसानी से आयोजित हो सकें।
ध्वनि व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और बैठने की सुविधा को विशेष रूप से उन्नत स्तर का रखा जाएगा, जिससे कलाकारों और दर्शकों दोनों को बेहतर अनुभव मिल सके। अटल कला केंद्र केवल कार्यक्रम स्थल नहीं होगा, बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला केंद्र बनेगा।
कैमूर में कई प्रतिभाशाली कलाकार हैं जो संसाधनों के अभाव में बड़े मंच तक नहीं पहुंच पाते हैं। नए कला केंद्र के निर्माण से उन्हें स्थानीय स्तर पर ही मंच मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को बड़े दर्शक वर्ग के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे।
इससे जिले की कला और संस्कृति को नई पहचान मिलेगी। शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी यह केंद्र बेहद उपयोगी साबित होगा। स्कूल और कालेज अपने वार्षिक समारोह, सांस्कृतिक प्रतियोगिता, कार्यशाला और करियर से जुड़े कार्यक्रम यहां आयोजित कर सकेंगे।
इससे विद्यार्थियों को बेहतर मंच मिलेगा और उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर बढ़ेगा। साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना भी आसान होगा।
अटल कला केंद्र का बाहरी स्वरूप भी आकर्षक बनाया जाएगा। ताकि यह शहर की पहचान का प्रतीक बन सके। भवन के आसपास हरियाली, पार्किंग की व्यवस्था रोड ग्रीन एरिया सहित अन्य व्यवस्था भी रहेगी।
अटल कला केंद्र में जिले के जितने कलाकार हैं उन्हें एक राष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा। जहां कलाकार अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर पाएंगे। जिले में इतना बड़ा हाल नहीं था, जहां की 620 लोग एक साथ बैठ सके, यह पर्यटक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होगा। -सुमन सौरव, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी  |