इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट। (पीटीआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित कर नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित \“इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट\“ के चौथे संस्करण के सफल आयोजन की सराहना की। समिति ने इस आयोजन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक \“\“बड़ी उपलब्धि\“\“ करार दिया।
एक तरफ जहां समिति ने समिट की सराहना की, वहीं 20 फरवरी को आयोजन स्थल पर हुए विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा भी की। 200 अरब डॉलर का निवेश व वैश्विक भागीदारी समिति ने रेखांकित किया कि इस समिट के दौरान भारत के एआई इकोसिस्टम में 200 अरब डॉलर (लगभग 16 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के निवेश की घोषणा की गई। इसमें गूगल द्वारा भारत में एक बड़ा डाटा सेंटर स्थापित करने और भारत-अमेरिका के बीच सीधा सब-सी (समुद्र के अंदर) केबल लिंक बिछाने की प्रतिबद्धता प्रमुख रही।
समिति ने कहा, \“\“\“मंत्रालय द्वारा आयोजित यह समिट समावेशी एआई विकास के लिए एक कूटनीतिक घोषणापत्र देने में सफल रहा है, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।\“\“\“
नई दिल्ली घोषणापत्र में शामिल हुए तीन और देश समिट के समापन पर बांग्लादेश, कोस्टा रिका और ग्वाटेमाला के शामिल होने से नई दिल्ली घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले देशों और संगठनों की संख्या 91 पहुंच गई है। यह घोषणापत्र अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिये एआई को मानवता के कल्याण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)  |
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