नई दिल्ली। इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे सरकार की “तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता” करार देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की ऐतिहासिक धरोहर है और हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है। यह मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि समिट के दौरान सार्वजनिक शांति भंग करने और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
राहुल गांधी का तीखा बयान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है और इसी मुद्दे को उठाने के कारण युवा कांग्रेस के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है।” राहुल ने आगे लिखा कि उन्हें युवा कांग्रेस के अपने “बब्बर शेर साथियों” पर गर्व है, जिन्होंने निडर होकर देशहित में आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुए समझौते से किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचेगा तथा देश का डेटा अमेरिकी नियंत्रण में जा सकता है। कांग्रेस नेता ने गिरफ्तारी को “सत्ता द्वारा सच दबाने की कोशिश” बताया और कहा, “सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है। डरो मत, सच और संविधान हमारे साथ हैं।”
क्या है पूरा मामला?
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम के बाहर इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ किया था। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ हुए ट्रेड समझौते और उससे जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन अचानक हुआ और इससे कार्यक्रम स्थल के आसपास कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हुई। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में सार्वजनिक शांति भंग करने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह प्रदर्शन पूर्व-नियोजित और संगठित था। अधिकारियों के मुताबिक, इस संबंध में विभिन्न डिजिटल साक्ष्यों और संचार माध्यमों की भी जांच की जा रही है।
अब तक आठ गिरफ्तार
पुलिस ने उदय भानु चिब के अलावा जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शन की योजना किस स्तर पर बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
कांग्रेस का विरोध, राजनीतिक बयानबाजी तेज
उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसका विरोध किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार छीना नहीं जा सकता। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार आलोचनात्मक आवाजों को दबाने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि ट्रेड डील और उससे जुड़े संभावित प्रभावों पर सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है। राहुल गांधी ने अपने बयान में दोहराया कि कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
हमारे कार्यकर्ताओं का हो रहा उत्पीड़न : कांग्रेस
पार्टी ने इन गिरफ्तारियों को पूरी तरह अवैध बताते हुए मांग की है कि सभी कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगे आरोप हटाए जाएं। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना कोई गुनाह नहीं है और "उत्पीड़न" की यह कार्रवाई तुरंत बंद होनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार को घेरते हुए एक्स पर कहा, '"शांतिपूर्ण असहमति को अपराध या खतरा नहीं माना जाना चाहिए। विरोध लोकतंत्र का दिल है, अपराध नहीं। हमारे कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से पीएम की कमियों को उजागर किया था।"'
पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या अनधिकृत प्रदर्शन को गंभीरता से लिया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के तरीके और समय को देखते हुए यह जांच की जा रही है कि कहीं यह समिट की सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश तो नहीं थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और जांच जारी है।
ट्रेड डील पर बहस
इस पूरे विवाद के केंद्र में अमेरिका के साथ हुआ हालिया व्यापार समझौता भी है। कांग्रेस का आरोप है कि इस डील में भारत के कृषि, टेक्सटाइल और डिजिटल डेटा हितों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस आरोप पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सरकार का पहले का रुख रहा है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते में भारत के दीर्घकालिक आर्थिक हितों को ध्यान में रखा जाता है।
गरमा सकता है मुद्दा
उदय भानु चिब और अन्य गिरफ्तार नेताओं की न्यायिक प्रक्रिया अब अदालत के समक्ष आगे बढ़ेगी। पुलिस जांच के निष्कर्षों और अदालत के आदेशों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। राजनीतिक स्तर पर यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है, खासकर तब जब ट्रेड डील और एआई समिट जैसे विषय राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। फिलहाल, यह मामला लोकतांत्रिक अधिकारों, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक असहमति के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है।

Editorial Team
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