जागरण संवाददाता, बदायूं। निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे पर दो दिन पहले बरातियों से भरी प्राइवेट बस और रोडवेज बस के बीच हुई टक्कर में तीन लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस दौरान इस हाईवे के निर्माणाधीन होने और सड़क वन-वे होने व नियमों के अनुसार मानकों का पालन न किए जाने की बड़ी बात सामने आई थी।
इसे लेकर दैनिक जागरण की टीम ने पड़ताल की तो ऐसी कई खामियां सामने आईं। टीम ने इस निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे के तीसरे पैकेज के कछला से लेकर बदायूं बाइपास तक की स्थिति देखी। इसमें करीब नौ जगह डायवर्जन किया गया। जिसमें कई जगह ऐसी स्थिति दिखाई दी जहां अभी भी सुधार न हुआ तो हादसे की आशंका आगे भी बनी रहेगी।
इसमें कई जगह पटरी साइड में गड्ढे बने हुए हैं। हाईवे पर कई जगह संकेतकों की कमी है। सोमवार को डीएम अवनीश राय ने भी संकेतकों और सुरक्षात्मक कार्य की जरूरत बताई थी।
दृश्य-1 : गंगोरा के पास डायवर्जन पर बढ़ें संकेतक और सफेद पट्टी बनें
उझानी से बदायूं की ओर बढ़ने पर जब वाहन गंगोरा के पास पहुंचते हैं तो यहां पर एक साइड बंद कर डायवर्जन कर दिया गया। यहां पर एक साइड बंद कर पत्थर रखवाकर रोड बंद होने और रेडियम के साथ डायवर्जन का संकेतक भी लगा है।
लेकिन यहां पर सफेद पट्टी गायब हो चुकी है जो सिंगल रोड होने पर भी नजर नहीं आती। इसके अलावा एक ही रोड से दोनों ओर के वाहन आने पर रात के समय परेशानी होती है। ऐसे में साइड पटरी पर संकेतक लगे होने चाहिए।
दृश्य-2 : जिरौलिया-अब्दुल्लागंज रोड पर लगें संकेतक
बरेली-मथुरा हाईवे के किमी संख्या 175 के पास जिरौलिया से बदायूं की ओर जाने पर रास्ता काफी सकरा हो गया है। यहां पर डायवर्जन के बोर्ड तो लगे हैं।
मगर रास्ता सकरा होने के कारण जिरौलिया से खाटू श्याम मंदिर तक के रास्ते की साइड पटरी की ओर काफी झाड़ियां आदि उगी हुई है। जिससे रात में सड़क साफ नजर नहीं आती। यहां किनारों पर रेडियम स्टैंड लगा दिए जाएं तो खतरा काफी कम हो जाएगा।
दृश्य-3 : जजपुरा डायवर्जन के आगे पुलिस के पास बैठ गई सड़क
उझानी की ओर से जब बदायूं की ओर चलेंगे तो वहां पर जजपुरा के पास हाईवे पर डायवर्जन किया गया है। यहां से आगे पुलिया बनी हुई है। इसी पुलिया के पास कुछ हिस्से में सड़क धस गई है। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। यहां पर कुछ दिन पहले बाइक से गिरने की वजह से एक महिला की भी मौत हो चुकी है। यहां पर सड़क खराब होने के कारण जानने वाले लोग बचकर निकलते हैं, लेकिन अनजान कार व बाइक चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं।
दृश्य-4 : कछला से लेकर उझानी तक पटरी पर गड्ढे
कछला से लेकर उझानी मंडी समिति के पास तक करीब पांच जगह डायवर्जन किया गया है। इसमें सभी जगह डायवर्जन वाले स्थानों पर डायवर्जन बोर्ड और रेडियम पट्टी लगाई गई है। लेकिन इस पूरे मार्ग पर कई जगह साइड पट्टी पर जगह जगह गड्ढे हो गए हैं।
इसके चलते हादसे की आशंका बनी रहती है। रास्ते में कई ऐसे स्थान, जैसे ढाका फूलपुर, करुआ पुल, मैंथा फैक्ट्री, छछुइया गांव और बुटला दौलत के पास संकेतक की आवश्यकता नजर आती है।
बरेली-मथुरा हाईवे पर काम प्रगति पर है। इसके चलते कई जगह वन-वे किया गया है। इसके लिए कई स्थानों पर डायवर्जन किया गया है। लेकिन सभी जगह मानकों का ध्यान रखा गया है। लेकिन अगर अभी भी कहीं पटरी किनारे गड्ढे या संकेतक लगने हैं तो इसे दिखवा कर कार्य कराए जाएंगे।
- उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
यह भी पढ़ें- बदायूं में 2000 बंदियों वाली हाईटेक जेल का सपना अधर में, जानें क्यों लखनऊ से लेकर कोर्ट तक फंसा है पेच!