LHC0088 • 5 hour(s) ago • views 347
भागलपुर के नाथनगर में 20 साल पुराने दुष्कर्म केस में रिजवान को 10 साल की कठोर जेल, अर्थदंड भी लगाया।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर के नाथनगर थानाक्षेत्र में 20 साल पहले हुई दुष्कर्म की वारदात में दोषी मुहम्मद रिजवान को अदालत ने दस साल की कठोर सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उसे दस हजार रुपये का अर्थदंड भी देने का आदेश दिया है। अगर वह अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो उसे पांच माह की अतिरिक्त साधारण सजा भुगतनी होगी।
प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा
मंगलवार को प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश मिलन कुमार की अदालत ने सुनवाई के दौरान दोषी रिजवान को सजा सुनाई। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री किशोर यादव ने बहस में भाग लिया।
बच्ची को झांसा देकर ले गया खेत
अभियुक्त रिजवान ने 17 सितंबर 2005 को घर के समीप चबूतरे पर खेल रही दस वर्षीय बच्ची को दस रुपये देने का झांसा देकर उसे गोद में उठा लिया था। रिजवान ने बच्ची को अपने साथ खेत में ले जाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्ची से कहा कि वह अपने अब्बा, अम्मी और नानी को इस घटना के बारे में कुछ न बताए। फिर वह बच्ची को मदरसा के समीप छोड़कर भाग निकला।
परिवार को हुई घटना की जानकारी
प्रारंभ में बच्ची ने किसी को कुछ नहीं बताया। लेकिन उसके शरीर में दर्द शुरू होने पर उसने अपने परिजनों को बताया। इसके बाद परिवार के सदस्य बच्ची को डॉक्टर के पास ले गए। चिकित्सक ने पुष्टि की कि बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई है। इसके बाद बच्ची के परिजनों ने नाथनगर थाने में केस दर्ज कराया।
अभियोजन पक्ष ने केस सफलतापूर्वक लड़ा
दर्ज केस में मुहम्मद रिजवान को नामजद आरोपित बनाया गया। अभियोजन पक्ष ने सभी प्रमुख गवाहों की गवाही कराई और केस को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने में सफल रहा। आरोपित को सजा मिलने से भी लोग ने कहा कि न्याय की जीत हुई है।  |
|